लखनऊ अग्निकांड: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। जिस इमारत में आग लगी, वहां कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और कुछ निजी कार्यालय संचालित हो रहे थे। हादसे के समय बड़ी संख्या में छात्र और कर्मचारी अंदर मौजूद थे। आग लगने के बाद अफरा-तफरी के बीच कई लोगों ने अपने परिजनों को फोन कर मदद मांगी। ऐसे ही एक युवक सुखमणि सिंह ने अपने पिता प्रभजोत सिंह को फोन कर बताया कि इमारत में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। पिता के मुताबिक, बेटे की आवाज में घबराहट साफ महसूस हो रही थी। उसने जल्द आने की गुहार लगाई, लेकिन कुछ देर बाद उसका फोन बंद हो गया। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी जानकारी का इंतजार कर रहा है।
धुएं और लपटों के बीच फंसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। कई छात्र और कर्मचारी ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने खिड़कियों और छत से छलांग लगा दी, जिससे कई लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटनास्थल पर मौजूद परिवारों की आंखें अपने बच्चों और परिजनों की तलाश में इमारत की ओर टिकी रहीं। हर गुजरते पल के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही थी।
दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया। घने धुएं के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन टीमों ने इमारत की दीवारें तोड़कर अंदर पहुंचने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 15 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई घायल अस्पतालों में भर्ती हैं। कुछ लोगों के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने जांच के दिए आदेश
लखनऊ अग्निकांड की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और लखनऊ लौटने का फैसला किया। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
