महाराष्ट्र के वर्धा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। समृद्धि महामार्ग (समृद्धि एक्सप्रेसवे) पर कार और ट्रक की जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई, जिससे छह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार कुछ ही पलों में आग की लपटों से घिर गई और उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। दूसरी ओर, ट्रक में मौजूद चालक और क्लीनर भी आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों वाहन धू-धूकर जलने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और हाईवे रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
परिवार घर लौटते समय हादसे का शिकार
पुलिस के अनुसार, कार में सवार सभी चार लोग वर्धा जिले के सालोड गांव के रहने वाले थे। परिवार अपनी एक बेटी का पुणे में एमबीए में दाखिला कराने गया था। एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार वापस अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि परिवार की दो जुड़वां बेटियां हैं। एक बेटी को पढ़ाई के लिए पुणे में छोड़ने के बाद माता-पिता दूसरी बेटी के साथ वापस लौट रहे थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि खुशी का यह सफर कुछ ही घंटों में दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा। हादसे में परिवार के सदस्य राजेश टिपले, सुषमा टिपले, जाह्नवी टिपले और कार चला रहे अंकुश राऊत की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पहले से खड़ा था इथेनॉल से भरा ट्रक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इथेनॉल से भरा एक ट्रक पहले किसी अन्य दुर्घटना के कारण हाईवे पर खड़ा था। यातायात को दूसरे रास्ते से निकाला जा रहा था, लेकिन इसी दौरान तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण कार ट्रक के नीचे फंस गई और उसमें बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। ट्रक चालक संजय कुमार और क्लीनर समरजीत पाल भी आग में फंस गए और उनकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद आग बुझाने और शवों को निकालने में राहत टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार पूरी तरह जल चुकी थी, इसलिए शवों को निकालने के लिए वाहन को काटना पड़ा।
हादसे की जांच शुरू, पूरे इलाके में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद कार ट्रक तक कैसे पहुंची और दुर्घटना की असली वजह क्या थी। हाईवे सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। जिस बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद लेकर परिवार पुणे गया था, उसी सफर ने पूरे परिवार को हमेशा के लिए छीन लिया। स्थानीय लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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