जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर एक ऐसा फैसला किया है, जिसने सबको चौंका दिया है। सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए इस बार यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, सरकार ने पूरे अमरनाथ यात्रा रूट को ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि 1 जुलाई से लेकर यात्रा के खत्म होने तक इस इलाके के आसमान में किसी भी तरह की अनधिकृत हवाई गतिविधि यानी प्राइवेट ड्रोन या विमान उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इस कड़े कदम से सुरक्षा एजेंसियां जमीन से लेकर आसमान तक बेहतर निगरानी रख सकेंगी और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नाकाम किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेगी चुनौती, पारंपरिक रास्तों का ही बचा सहारा
सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन हजारों श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो हर साल अपनी सुविधा या स्वास्थ्य कारणों से हेलीकॉप्टर के जरिए बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते थे। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने अब साफ कर दिया है कि इस बार भक्तों को दक्षिण कश्मीर के पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से केवल पैदल, टट्टू या पालकी के जरिए ही सफर तय करना होगा। हालांकि, इस फैसले से बुजुर्गों और बीमार यात्रियों के लिए मुश्किलें जरूर बढ़ेंगी, लेकिन प्रशासन का कहना है कि देश के नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। इसके बदले में यात्रियों के लिए रास्तों पर मेडिकल टीमों और आपातकालीन एंबुलेंस की व्यवस्था को दोगुना किया जा रहा है।
सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह, एंटी-ड्रोन सिस्टम से होगी हर हरकत पर नजर
इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे सुरक्षा एजेंसियों की लंबी प्लानिंग और कई दौर की बैठकें हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने मिलकर सुरक्षा का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय (Multi-layered) सुरक्षा व्यवस्था होगी, जिसमें आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और बम निरोधक दस्ते तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) हर वक्त अलर्ट मोड पर रहेगी। संवेदनशील इलाकों और यात्रियों के ठहरने वाले शिविरों का अभी से सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है ताकि कहीं भी कोई कसर न रह जाए।
3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, 8 जून को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह करेंगे फाइनल समीक्षा
इस साल बाबा अमरनाथ की यह पवित्र वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है, जो 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। इस बार की सुरक्षा और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 8 जून को नई दिल्ली में एक हाई-लेवल मीटिंग करने वाले हैं। इस बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और डीजीपी नलिन प्रभात समेत देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में काफिलों की सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी उपायों और आपदा प्रबंधन की बारीकियों पर चर्चा होगी। केंद्र और राज्य सरकार का एक ही मकसद है—देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें और यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण संपन्न हो।
