बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आखिरकार सामने आ गया है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब नए सीएम के नाम का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को राज्य की कमान सौंपी गई है। उनके नाम पर मुहर लगते ही लंबे समय से चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है और बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो गई है।
कैसे बदला सत्ता का समीकरण?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर तेजी से बैठकों का दौर चला। गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण सरकार गठन में कोई बाधा नहीं आई। माना जा रहा है कि बीजेपी ने इस बार नेतृत्व अपने हाथ में लेने का फैसला किया और इसी रणनीति के तहत सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं, जनता दल को सरकार में अहम हिस्सेदारी देकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
नीतीश कुमार की नई भूमिका क्या होगी?
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि वे राज्यसभा के जरिए केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि उन्होंने पद छोड़ दिया है, लेकिन बिहार की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों पर उनका प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं होगा। उनकी पार्टी अभी भी सत्ता का अहम हिस्सा बनी हुई है, जिससे उनकी भूमिका पर नजर बनी रहेगी।
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