इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस इलाके में किसी भी तरह की “गलत हरकत” सीधे जानलेवा साबित हो सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी लगातार बढ़ती जा रही है।
‘हर गतिविधि पर हमारी नजर’
IRGC ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में होने वाली हर गतिविधि पर उसकी पूरी नजर है और ईरानी सेना का पूर्ण नियंत्रण है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा गया कि दुश्मन की किसी भी चाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही ईरान ने ड्रोन से निगरानी के वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें क्षेत्र की गतिविधियों को दिखाया गया है। यह संदेश साफ है कि ईरान इस समुद्री मार्ग को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
अमेरिकी दावे पर ईरान का पलटवार
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि उसके युद्धपोत हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे और बारूदी सुरंग हटाने का अभियान चलाया। हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे “प्रचार स्टंट” बताया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का कहना है कि अमेरिकी जहाजों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और गहरा कर दिया है और हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
सीजफायर पर भी मतभेद, बढ़ा टकराव का खतरा
करीब एक महीने तक चले तनाव के बाद दोनों देशों ने अस्थायी संघर्ष विराम (सीजफायर) का ऐलान जरूर किया था, लेकिन शर्तों पर सहमति नहीं बन पाई। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पहले दी गई ‘नाकेबंदी’ की धमकी के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। अब ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज के पास आने वाला कोई भी सैन्य जहाज संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अगर स्थिति नहीं संभली तो यह तनाव बड़े टकराव में बदल सकता है।
