उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर दौरे से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)ने उन पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री केवल मंच से भाषण देंगे या फिर आम जनता के दुख-दर्द को भी सुनेंगे। उन्होंने खासतौर पर मेरठ के उन व्यापारियों का मुद्दा उठाया, जिनकी दुकानों पर हाल ही में कार्रवाई हुई है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।
मेरठ के व्यापारियों का मुद्दा बना सियासी हथियार
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने बयान में मेरठ के शास्त्री नगर इलाके में हुई कार्रवाई का जिक्र किया, जहां बड़ी संख्या में अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है और कई लोग विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)ने तंज कसते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री कार्यक्रम के लिए लोगों की भीड़ जुटा रहे हैं, तो उन्हें मेरठ के प्रभावित परिवारों को भी बुलाना चाहिए और उनका पक्ष सुनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल विकास कार्यों का प्रचार नहीं करना चाहिए, बल्कि उन लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए जो इन फैसलों से प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी मुजफ्फरनगर जा रहे हैं तो मेरठ के व्यापारियों से भी मिलते आएं या उन्हें मिलने ही बुला लें। जब इतनी गाड़ियों से भीड़ बुला रहे हैं तो मेरठ के दुखी परिवारों को भी बुला लें।
मेरठ से मुजफ्फरनगर दूर ही कितना है।
मंच से केवल वन-वे भाषण देंगे या जनता के दुख-दर्द भी…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 12, 2026
‘तुम्ही ने दर्द दिया, तुम्ही दवा दो’—अखिलेश का सीधा संदेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने बयान में एक भावनात्मक संदेश भी दिया और कहा कि जिन लोगों को सरकार की कार्रवाई से नुकसान हुआ है, उनके दर्द को समझना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसी को परेशानी दी है, तो उसे समाधान भी देना चाहिए। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का यह बयान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना माना जा रहा है। वहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार जनता से संवाद करने के बजाय सिर्फ एकतरफा भाषण देने तक ही सीमित है। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो सकती है।
योगी का कार्यक्रम और विकास कार्यों का लोकार्पण
दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुजफ्फरनगर दौरा विकास कार्यों के लोकार्पण के लिए निर्धारित है। जानकारी के अनुसार, वह करीब 6.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 25 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं और आसपास के जिलों से भी लोगों को बुलाया गया है। हालांकि, इस दौरे से पहले उठे राजनीतिक सवालों ने कार्यक्रम को और अधिक चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री अपने संबोधन में इन मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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