बिहार की राजनीति इन दिनों सिर्फ चुनाव नतीजों की वजह से नहीं, बल्कि लालू यादव परिवार के भीतर चल रहे उथल-पुथल के कारण भी सुर्खियों में है। रोहिणी आचार्य इस समय पूरे राजनीतिक माहौल में सबसे ज्यादा चर्चा में है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक भावुक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने अपना दर्द, अपमान और परिवार से दूर होने की मजबूरी को बेहद सीधी और कड़वी भाषा में लिखा है। रोहिणी ने कहा कि “मुझे अनाथ बना दिया, बाप-बहनों को छोड़ आई,” जिससे साफ समझ आता है कि परिवार के भीतर कोई गहरा तनाव है। यह पोस्ट सामने आते ही राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रोहिणी ने यह कदम क्यों उठाया और उनके दर्द की सच्चाई क्या है।
क्यों फूटा रोहिणी का गुस्सा?
रोहिणी आचार्य का यह पोस्ट सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि एक संकेत भी माना जा रहा है कि परिवार के अंदर काफी समय से सब ठीक नहीं चल रहा। बिहार चुनाव परिणामों के बाद RJD खेमे में जिस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप की आंधी चली, उसने रोहिणी के मन में जमा दर्द को और बढ़ा दिया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें अपमानित किया गया, उनकी बातों को हल्के में लिया गया और उन्हें परिवार से दूर कर दिया गया। रोहिणी का यह खुलकर बोलना राजनीतिक धमाके से कम नहीं, क्योंकि परिवार का हर सदस्य सत्ता, रणनीति और पार्टी की कमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में एक बेटी का सार्वजनिक रूप से टूट जाना कई बड़े सवाल छोड़ देता है।
कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक माँ को जलील किया गया , गंदी गालियाँ दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी ..
कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए…— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 16, 2025
सोशल मीडिया पोस्ट में छलका दर्द
रोहिणी आचार्य लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और अपने पिता लालू यादव के लिए अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करती रही हैं। इस बार उनका पोस्ट काफी तीखा और दर्द से भरा हुआ था। उन्होंने खुद को “अनाथ” कहकर जिस पीड़ा को शब्दों में ढाला, उसने हजारों समर्थकों को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने अपने परिवार के भीतर मिली बेइज्जती और उपेक्षा के बारे में ऐसी बातें लिखीं, जिन्हें पढ़कर साफ महसूस होता है कि यह सिर्फ एक भावुक पोस्ट नहीं बल्कि दिल का बहता हुआ ज़ख्म है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चुनावी हार, आंतरिक मतभेद और नेतृत्व की लड़ाई ने परिवार पर भारी दबाव डाला है। यही तनाव अब सोशल मीडिया के रास्ते सार्वजनिक हो रहा है।
लालू परिवार की खामोशी और बढ़ते सवाल
रोहिणी के पोस्ट के बाद अभी तक लालू यादव, मीसा भारती या तेजस्वी यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रोहिणी आचार्य को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ रही है कि परिवार की इस चुप्पी का मतलब क्या है? क्या वास्तव में घर के भीतर कोई बड़ी दरार पड़ चुकी है या यह भावनात्मक विस्फोट किसी बड़े राजनीतिक संकेत का हिस्सा है? कुछ सूत्र बताते हैं कि रोहिणी लंबे समय से कई फैसलों में नजरअंदाज महसूस कर रही थीं, जबकि उन्हें उम्मीद थी कि परिवार के भीतर उनकी अहमियत और सम्मान कायम रहेगा। अब सवाल यह है कि क्या परिवार भीतर-बैठक कर इस विवाद को दबाने की कोशिश करेगा या यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।
