कुंडा से विधायक राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh) एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। प्रयागराज के एक गांव में आयोजित राम कथा कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू समाज, धर्म परिवर्तन और मुसलमानों को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच से बोलते हुए राजा भैया ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के भीतर जाति और आपसी विभाजन ही सबसे बड़ी कमजोरी है, जिसका फायदा विरोधी ताकतें उठाती हैं। उनका भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
‘आज जितने मुसलमान हैं, पहले सब हिंदू थे’
अपने संबोधन के दौरान राजा भैया ने कहा कि आज भारत में जितने भी मुसलमान हैं, वे पहले हिंदू ही थे। उन्होंने दावा किया कि लोग दबाव, लालच और परिस्थितियों के कारण धर्म परिवर्तन करते गए। राजा भैया ने कहा कि जो लोग अपने धर्म और आस्था पर डटे रहे, आज की पीढ़ी उन्हीं की संतान है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत के मुसलमान किसी दूसरे देश से नहीं आए, बल्कि यहीं के लोग हैं जिन्होंने समय के साथ अपना धर्म बदला। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोग इसे हिंदू एकता का संदेश बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे धार्मिक रूप से संवेदनशील बयान मान रहे हैं।
डीएमके नेता के बयान का भी किया जिक्र
राजा भैया ने अपने भाषण में तमिलनाडु की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में कुछ नेता सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते हैं और उसकी तुलना बीमारियों से करते हैं, लेकिन ऐसे बयानों का उतना विरोध नहीं होता जितना दूसरे धर्मों के खिलाफ टिप्पणी होने पर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने इस्लाम को लेकर इस तरह की टिप्पणी की होती, तो देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो जाता। राजा भैया ने मंच से कहा कि हिंदू समाज को सिर्फ धार्मिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए भी तैयार रहना होगा। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संगठित रहने की अपील की।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल
राजा भैया के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने उनके बयान को समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ इतिहास और सामाजिक एकता की बात की है। सोशल मीडिया पर भी वीडियो को लेकर जमकर बहस हो रही है। कई यूजर्स राजा भैया के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं, तो कई लोग इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले पर किसी बड़े राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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