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5 दिन में दूसरा झटका! फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, अब आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ?

Petrol-Diesel Price Hike: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम। दिल्ली, मुंबई, जयपुर समेत कई शहरों में नई कीमतें लागू। जानिए आपके शहर में क्या है नया रेट और क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम।

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Petrol-Diesel Price: देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। बीते शुक्रवार को तेल कंपनियों द्वारा करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब मंगलवार, 19 मई को फिर से दाम बढ़ा दिए गए हैं। इस बार पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत में 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। लगातार पांच दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के करीब पहुंच गया है। वहीं डीजल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है, क्योंकि ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ेगा और इसके साथ कई जरूरी सामानों की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं।

जानिए आपके शहर में क्या हो गई नई कीमत

नई दरें लागू होने के बाद अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट में बदलाव दर्ज किया गया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल अब 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी लोगों को बड़ा झटका लगा है, जहां पेट्रोल अब 108.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है और लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

तेल कंपनियों को भारी नुकसान

जानकारों के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से घाटे का सामना कर रही थीं। पिछले करीब चार वर्षों में कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की थी। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कंपनियों पर रोजाना भारी आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। पिछले सप्ताह हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी के बाद यह घाटा कुछ कम होकर करीब 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया था। अब नई बढ़ोतरी से कंपनियों को थोड़ी और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है और महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। फिलहाल वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक की कीमतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों की नजर अब सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

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