तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता बदलने के बाद अब बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने मुख्यमंत्री विजय (Joseph Vijay) पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि वह “इंस्टाग्राम के जरिए बच्चों और युवाओं को प्रभावित करके मुख्यमंत्री बन गए।” तंजावुर में एक कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने कहा कि जिनके पास बूथ स्तर पर मजबूत संगठन तक नहीं था, वे सोशल मीडिया की ताकत के दम पर सत्ता तक पहुंच गए। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सोशल मीडिया बनाम पारंपरिक राजनीति की नई बहस शुरू हो गई है। स्टालिन के बयान को डीएमके की चुनावी हार से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
विजय की सोशल मीडिया ताकत बनी चर्चा का विषय
राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सोशल मीडिया पर विजय और स्टालिन की लोकप्रियता की तुलना भी तेज हो गई है। अभिनेता से नेता बने विजय का इंस्टाग्राम अकाउंट “actorvijay” बेहद मजबूत माना जाता है। उनके अकाउंट पर करोड़ों की संख्या में फॉलोअर्स हैं और हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स आते हैं। दूसरी तरफ स्टालिन का सोशल मीडिया नेटवर्क सक्रिय जरूर है, लेकिन फॉलोअर्स और एंगेजमेंट के मामले में विजय काफी आगे दिखाई देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का बेहद आक्रामक तरीके से इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीवीके ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। विजय की लोकप्रियता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि फिल्मी दुनिया से मिले बड़े फैन बेस ने भी चुनाव में अहम भूमिका निभाई।
सात दिन की सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने नई सरकार के शुरुआती दिनों में सामने आए अपराध के मामलों को लेकर भी टीवीके सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं और इससे जनता में डर का माहौल बन रहा है। स्टालिन ने कांचीपुरम और तूतीकोरिन में हुई दो हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर शुरुआत में ही अपराध बढ़ने लगे तो यह प्रशासनिक कमजोरी का संकेत माना जाएगा। हालांकि राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार बने अभी सिर्फ एक हफ्ता हुआ है, ऐसे में विपक्ष के हमलों का मकसद नई सरकार पर शुरुआती दबाव बनाना भी हो सकता है। टीवीके की ओर से फिलहाल इन आरोपों पर कोई बड़ा जवाब सामने नहीं आया है।
डीएमके की हार के बाद संगठन सुधार की तैयारी
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में डीएमके को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी केवल 59 सीटों पर सिमट गई, जबकि विजय की टीवीके ने 108 सीटें जीतकर कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगियों के समर्थन से सरकार बना ली। हार के बाद स्टालिन ने पार्टी के भीतर समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने 234 विधानसभा सीटों का अध्ययन करने के लिए 38 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो जमीनी रिपोर्ट तैयार करेगी। स्टालिन का कहना है कि जून के आखिर तक पार्टी संगठन में बड़े बदलाव किए जाएंगे। माना जा रहा है कि डीएमके अब सोशल मीडिया रणनीति, युवा वोटरों और बूथ स्तर की राजनीति पर नए सिरे से काम करने की तैयारी कर रही है। वहीं विजय की सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी लोकप्रियता को प्रशासनिक कामकाज में बदलने की होगी।
Read More-13 नवंबर 2026 को खत्म हो जाएगी दुनिया? 66 साल पुरानी भविष्यवाणी ने इंटरनेट पर मचाया डर
