UP News: गाजियाबाद में रेप के आरोपी के स्वागत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून व्यवस्था और समाज की सोच को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो में कुछ लोग आरोपी को कंधों पर बैठाकर फूल-मालाओं से स्वागत करते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, जुलूस के दौरान समर्थक नारे लगाते और मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते भी नजर आए। पूरे घटनाक्रम को ऐसे पेश किया गया मानो किसी बड़ी जीत का जश्न मनाया जा रहा हो। बताया जा रहा है कि आरोपी को हाल ही में जमानत मिली थी, जिसके बाद उसके समर्थकों ने यह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति के समर्थन में इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन आखिर क्या संदेश देता है। पुलिस ने भी वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
लॉ स्टूडेंट से रेप के आरोप में जेल गया था आरोपी
जानकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान सुशील प्रजापति के रूप में हुई है, जो पहले हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा बताया जा रहा है। उस पर एक लॉ स्टूडेंट के साथ रेप करने का आरोप लगा था। पीड़िता ने शिकायत में कहा था कि आरोपी ने उसे एक वकील से मिलवाने के बहाने फ्लैट पर बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। करीब नौ महीने तक जेल में रहने के बाद 17 मई को उसे अदालत से जमानत मिली। जमानत के बाद जैसे ही वह बाहर आया, समर्थकों ने उसका स्वागत शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी गाड़ियों के काफिले के बीच मौजूद है और उसके समर्थक “वी” साइन दिखाते हुए खुशी जाहिर कर रहे हैं। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में समाज के रवैये को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर कई लोग इस स्वागत को शर्मनाक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा कहकर बचाव करते भी नजर आए।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वीडियो को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस संगठन की तारीफ मुख्यमंत्री हाल ही में कर रहे थे, उसी संगठन से जुड़े रेप आरोपी का जिस तरह स्वागत किया गया, वह बेहद निंदनीय है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे आगामी चुनावों के लिए समर्थकों को तैयार किया जा रहा हो। उन्होंने यह भी कहा कि कल को यही आरोपी महिला आरक्षण के समर्थन में नारे लगाता दिखाई देगा। सपा प्रमुख के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई। विपक्षी दल सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे अदालत से मिली कानूनी राहत बता रहे हैं। हालांकि, आम लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी गंभीर आरोप का सामना कर रहे व्यक्ति का इस तरह सार्वजनिक सम्मान होना चाहिए।
Who are these guys welcoming an alleged rapist?India Shocking :: Rape Accused grand welcome In a shocking incident from Ghaziabad, a right-wing leader, accused of allegedly raping a law student, has been granted bail after spending around eight months in jail. After his release pic.twitter.com/d7VriO0g0v
— Asif Ansari (@Asifansari9410) May 18, 2026
पुलिस जांच में जुटी
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और जुलूस में शामिल लोगों व गाड़ियों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी या नहीं। माना जा रहा है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया की ताकत को भी सामने ला दिया है, क्योंकि वीडियो वायरल होते ही मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। महिलाओं से जुड़े अपराधों पर समाज की संवेदनशीलता को लेकर भी बहस तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों ने कहा कि ऐसे मामलों में सार्वजनिक जश्न पीड़ित पक्ष की भावनाओं को आहत कर सकता है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
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