सोमवार की देर शाम करीब सात बजे मुहल्ला तीर्थ में अचानक सरकारी मशीनरी की भारी हलचल दिखी। पौराणिक शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण को लेकर प्रस्तावित आठ मीटर चौड़े वीआईपी मार्ग का काम तेज करने के लिए प्रशासन ने विधायक अमन गिरी के पुश्तैनी मकान पर भी ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया।
अंबेडकर तिराहे से विश्वकर्मा आवास होते हुए दक्षिणी गेट तक बनने वाले इस मार्ग को क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसके लिए कई दुकानों और इमारतों को पहले ही नोटिस देकर आंशिक रूप से गिराया जा चुका है।
स्थानीय लोग इस अचानक एक्शन से हैरान रहे कि विधायक का अपना घर भी इस प्रोजेक्ट की जद में आ गया। प्रशासनिक टीम के अनुसार, यह कार्य पूरी तरह नियमानुसार और पहले से तय माप के अनुसार किया गया।
एक महीने से धीमी चल रही थी तोड़फोड़, अब जेसीबी से खत्म हुआ इंतजार
विधायक अमन गिरी के मकान को आंशिक रूप से ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया पिछले एक महीने से चल रही थी। तीन मजदूर हथौड़े और सामान्य उपकरणों की मदद से मकान के हिस्से को तोड़ रहे थे, लेकिन काम बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा था।
मजदूरों की मैनुअल तोड़फोड़ से न सिर्फ समय अधिक लग रहा था, बल्कि निर्माण कार्य की आगे की योजना भी अटकी हुई थी। इस देरी को देखते हुए अधिकारियों ने निर्णय लिया कि जेसीबी मशीन की मदद से मकान को सुरक्षित तरीके से गिराया जाए।
सोमवार शाम जैसे ही भारी मशीनें मौके पर पहुंचीं, आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोग वीडियो और फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर भी साझा करते दिखे।
शिव मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर तेज हुई तैयारी
शिव मंदिर कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित मार्ग को चौड़ा करने की योजना लंबे समय से चल रही है। प्रशासन का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटक गतिविधियों को बेहतर बनाएगा। VIP स्टैंडर्ड रोड के निर्माण से मंदिर के दक्षिणी गेट तक पहुँच आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
मार्ग के विस्तार को लेकर मिल डायवर्जन रोड स्थित कई दुकानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद अधिकांश दुकानों को आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर अभी भी कार्य जारी है।
इस पूरे अभियान के दौरान प्रशासन सुरक्षा और नियमों के पालन का दावा कर रहा है। वहीं, स्थानीय निवासियों में इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता और मिश्रित प्रतिक्रिया दोनों देखने को मिल रही है।
ध्वस्तीकरण के बीच बढ़ी चर्चा
सूत्रों की मानें तो विधायक अमन गिरी ने पहले ही परियोजना को लेकर अपनी सहमति जता दी थी। उन्होंने अपने पुश्तैनी मकान का सर्वे कराए जाने में कोई आपत्ति नहीं की थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विधायक ने खुद कहा कि जनता और क्षेत्र के हित में होने वाले विकास कार्यों में निजी संपत्ति की बाधा नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से उनके मकान का हिस्सा बिना किसी विरोध के ध्वस्त कर दिया गया।
इस कदम की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है, और कई लोग इसे “जनता के लिए मिसाल” के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए मशीनरी और श्रमिकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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