Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी बहस तेज हो गई है। BJP ने शनिवार, 22 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के उस फैसले की आलोचना करते हुए प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो छंद गाने की बात कही गई है। BJP का कहना है कि वंदे मातरम् के पूरे छह छंद देश की आजादी की लड़ाई और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े हुए हैं। पार्टी ने साफ किया कि वह राष्ट्रगीत की पूरी परंपरा, सम्मान और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा करेगी।
नितिन नवीन बोले- सम्मान से समझौता नहीं
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि BJP वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक मानती है। उनके मुताबिक पार्टी किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के चलते राष्ट्रगीत के सम्मान को कम करने के प्रयास का विरोध करेगी। BJP ने यह भी कहा कि वह वंदे मातरम् के इतिहास और इसके राष्ट्रीय महत्व को लोगों तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी।
कांग्रेस के पुराने फैसले का भी किया जिक्र
नितिन नवीन ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल की कार्यसमिति का प्रस्ताव संविधान और संसद से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने 1937 में वंदे मातरम् के गायन को लेकर हुए फैसले का भी उल्लेख किया। BJP का दावा है कि उस समय मुस्लिम लीग की आपत्तियों और बदलते राजनीतिक माहौल के बीच राष्ट्रगीत के गायन को सीमित करने का फैसला हुआ था। BJP अब इस पूरे ऐतिहासिक संदर्भ को जनता के सामने रखने की बात कह रही है, ताकि लोगों को पता चल सके कि वंदे मातरम् को लेकर पहले क्या राजनीतिक परिस्थितियां रही हैं।
युवाओं के बीच चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
BJP अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी खास तौर पर युवाओं के बीच वंदे मातरम् को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी। इसके जरिए राष्ट्रगीत के इतिहास, अर्थ और स्वतंत्रता संग्राम से इसके संबंध के बारे में जानकारी दी जाएगी। BJP का कहना है कि नई पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र जागरण से किस तरह जुड़ा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए इसके सम्मान से समझौता किए जाने का विरोध करती रहेगी। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस और BJP के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
