गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी के सपा में शामिल होने के बाद मुकाबला नए मोड़ पर पहुंच गया है। संजयन त्रिपाठी बीजेपी से टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया। टिकट कटने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया और 1 अक्टूबर को नामांकन भी दाखिल कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी कार से बीजेपी का झंडा उतारते हुए पार्टी में उपेक्षा का आरोप लगाया था।
अखिलेश यादव ने दिलाई सपा की सदस्यता, कमलेश यादव की जगह मिला टिकट
निर्दलीय नामांकन के कुछ ही समय बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। 3 अक्टूबर को संजयन त्रिपाठी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने अपने पहले घोषित उम्मीदवार कमलेश यादव की जगह संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से प्रत्याशी बना दिया। इसके साथ ही वह दोबारा सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में आ गए। Jagran
बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी के सामने अब सपा के संजयन
संजयन त्रिपाठी के सपा में जाने से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट का मुकाबला अब ज्यादा दिलचस्प हो गया है। बीजेपी ने इस सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। संजयन पहले बीजेपी में रहते हुए इसी सीट से टिकट की उम्मीद कर रहे थे। अब वही सपा के प्रत्याशी के तौर पर बीजेपी उम्मीदवार को चुनौती देंगे। नामांकन के बाद संजयन ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही है। The Times of India
टिकट कटने से नाराजगी से सपा के उम्मीदवार बनने तक बदली कहानी
संजयन त्रिपाठी पिछले करीब छह वर्षों से बीजेपी में सक्रिय थे और शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारी कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद उनका निर्दलीय नामांकन और बीजेपी का झंडा हटाना चर्चा में रहा। इसके बाद सपा में शामिल होकर पार्टी का उम्मीदवार बनना इस चुनाव में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 6 अक्टूबर को उन्होंने सपा प्रत्याशी के रूप में दोबारा नामांकन दाखिल किया। अब इस सीट पर बीजेपी और सपा के उम्मीदवारों के बीच मुकाबले पर सभी की नजर है। Amar Ujala
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