कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026 लागू किए थे। इन नियमों का मकसद उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भेदभाव से सुरक्षा देना है। नए नियमों में हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में समानता समिति बनाने का प्रावधान किया गया है। इसमें OBC, महिला, SC, ST और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना है। इसके अलावा SC, ST और OBC छात्रों के लिए समान अवसर सेल बनाने की व्यवस्था भी की गई है। संस्थानों को भेदभाव से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करने और नियमित रिपोर्ट UGC को भेजने की जिम्मेदारी दी गई है।
कौन से प्रावधान बने विवाद की वजह?
नियम लागू होने के बाद इसके कुछ प्रावधानों पर सवाल उठने लगे। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि नियमों में जातिगत भेदभाव की परिभाषा में SC, ST और OBC वर्ग को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को उसी तरह की सुरक्षा नहीं मिली। इसके अलावा शुरुआती ड्राफ्ट में झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान था, लेकिन अंतिम नियमों में इसे हटा दिया गया। इसके बाद विरोध करने वालों ने नियमों के संभावित गलत इस्तेमाल की आशंका जताई। इसी विवाद को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने जनवरी 2026 में नियमों के कुछ हिस्सों पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद 2012 के पुराने नियमों को फिर से लागू किया गया। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि वह नए नियमों की दोबारा समीक्षा कर रही है।
जंतर-मंतर पर क्यों जुटे प्रदर्शनकारी?
इसी विवाद के बीच शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के बैनर तले प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने UGC के इक्विटी नियमों को वापस लेने के साथ-साथ जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा की मांग की। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं और सहायता का आधार आर्थिक स्थिति को भी बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में क्रीमी लेयर व्यवस्था लागू करने और SC, ST तथा OBC से जुड़ी नीतियों में बदलाव की मांग भी उठी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शन में राजस्थान की जनरल सेना, चाणक्य सेना और करणी सेना से जुड़े लोगों के शामिल होने की बात कही गई। फिलहाल UGC के 2026 नियमों को लेकर विवाद और सुप्रीम कोर्ट में चल रही प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
