राजस्थान के डीग जिले में आयोजित गो आराधन महोत्सव में पुरी के जगन्नाथ धाम के संत विशुद्धानंद जी महाराज का एक बयान विवादों का कारण बन गया है। महाराज ने एक बच्चा पैदा कर उसे विदेश भेजने वालों को “देशद्रोही” करार दिया और उनके लिए फांसी की सजा की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह के लोग देश की प्रगति में कोई योगदान नहीं देते और विदेशी ताकतों का साथ देते हैं। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे अधिक से अधिक संतान उत्पन्न करें ताकि देश को अपनी संस्कृति और शक्ति का बल मिले। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और व्यापक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
विदेश भेजने वालों पर तीखी टिप्पणी
विशुद्धानंद महाराज ने कहा कि तीन से कम बच्चे पैदा करने वालों को आशीर्वाद नहीं दिया जाएगा क्योंकि यह राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। उनका मानना था कि एक संतान का विदेश जाना और वहां अपने देश का नाम रोशन करना, जब तक वह देश की सेवा में नहीं लौटता, राष्ट्र के लिए घाटे का सौदा है। उन्होंने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि विदेशों में पढ़ाई या नौकरी के लिए भेजना, एक तरह से देश के खिलाफ काम करने जैसा है। इस पर कई लोग उनकी टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं और इसे अतिवादी सोच मान रहे हैं।
राजेंद्र दास महाराज का तंबाकू पर बयान
महोत्सव के दौरान राजेंद्र दास महाराज ने भी एक और विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने तंबाकू के सेवन को गौमांस खाने के बराबर पाप बताया। उनका कहना था कि तंबाकू भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है और यह एक विदेशी प्रथा है। उन्होंने तंबाकू सेवन करने वालों को नसीहत दी कि वे अपनी आदतें सुधारें, क्योंकि यह समाज के लिए हानिकारक है। उनके इस बयान पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, कुछ इसे सांस्कृतिक जागरूकता के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हैं।
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