बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी कड़ी में एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता नसीम सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसा अनुभवी नेता अब दिल्ली की राजनीति के “अंधेरे” में खो सकता है। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपना राजनीतिक खेल पूरी तरह खेल लिया है और नीतीश कुमार अब उसी राजनीति का परिणाम भुगत रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
‘अगर सही फैसला लेते तो उप प्रधानमंत्री बन सकते थे नीतीश’
नसीम सिद्दीकी ने अपने बयान में आगे कहा कि अगर नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू ने कुछ साल पहले सही राजनीतिक निर्णय लिया होता, तो आज दोनों देश की राजनीति में बहुत बड़े पदों पर हो सकते थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जो राजनीतिक फैसले लिए, उसी का परिणाम आज उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थिति यह हो गई है कि “न खुदा ही मिला, न विसाल-ए-सनम”, यानी न तो उन्हें स्थायी सत्ता मिली और न ही मजबूत राजनीतिक पहचान। उन्होंने दावा किया कि नीतीश की सत्ता अब बिहार से लगभग खत्म हो चुकी है।
अमित शाह, चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर गंभीर आरोप
अपने बयान में नसीम सिद्दीकी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था निष्पक्ष नहीं रह गई है और संस्थाओं पर सरकार का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है और कुछ वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि कुछ को फायदा दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोकतंत्र की प्रक्रिया कमजोर की जा रही है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार या चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यूसीसी और महिलाओं की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल
नसीम सिद्दीकी ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है और यहां सभी को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC को लेकर लोगों में भ्रम और डर पैदा किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर गंभीर कदम उठाने की मांग की।
