Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि आज राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। एनडीए विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) को नेता चुना गया, जिसके बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लग गई। आज पटना के राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह पहली बार माना जा रहा है जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री सत्ता संभालने जा रहा है। समारोह सुबह करीब 10:50 बजे आयोजित होगा, जिसमें राज्यपाल उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। पूरे शहर में इस ऐतिहासिक पल को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
बीजेपी दफ्तर दुल्हन की तरह सजा, जश्न का माहौल
शपथ ग्रहण से पहले पटना स्थित बीजेपी मुख्यालय को पूरी तरह सजाया गया है। दफ्तर को फूलों और रंगीन रोशनियों से इस तरह सजाया गया है कि वह किसी उत्सव स्थल जैसा नजर आ रहा है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और पूरे परिसर में जश्न जैसा माहौल है। कार्यकर्ताओं के लिए विशेष रूप से खाने-पीने की व्यवस्था की गई है, जिसमें पूड़ी-सब्जी और लड्डू जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से बीजेपी समर्थक पटना पहुंच रहे हैं ताकि इस ऐतिहासिक पल के गवाह बन सकें। बताया जा रहा है कि शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी सीधे पार्टी मुख्यालय भी जा सकते हैं, जहां कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
नई सरकार में डिप्टी सीएम और सहयोगियों की भूमिका तय होने के संकेत
नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि एनडीए के सहयोगी दलों जैसे चिराग पासवान की पार्टी, जीतन राम मांझी की ‘हम’ और उपेंद्र कुशवाहा के संगठन को भी सरकार में जगह मिल सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष पद और विभागों के बंटवारे को लेकर भी बीजेपी और जेडीयू के बीच बातचीत जारी है। मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के पद को लेकर भी रणनीतिक चर्चा चल रही है।
विकास, सुशासन और नई राजनीतिक दिशा का दावा
मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय होने के बाद सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयाम तक ले जाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं, जिससे यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जहां सत्ता समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ सकते हैं।
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