उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपनी सरकार के मंत्रियों, विधायकों और संगठन से जुड़े जनप्रतिनिधियों को बड़ा जिम्मा सौंपा है। सरकार और संगठन अब गांव-गांव पहुंचकर जनता से सीधा संवाद करने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि आगामी दिनों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाए, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। माना जा रहा है कि यह अभियान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता से जुड़ाव मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए सरकार अपने कामकाज को गांवों और कस्बों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
पदयात्रा, चौपाल और रात्रि विश्राम का मिला निर्देश
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार 5 जून से 21 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालेंगे, चौपाल लगाएंगे और स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत करेंगे। खास बात यह है कि कई जनप्रतिनिधियों को गांवों में रात्रि विश्राम भी करना होगा, ताकि वे ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से समझ सकें। अभियान के दौरान विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा जनकल्याण मेलों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने की भी तैयारी की जा रही है।
पीएम मोदी के 12 साल और विकास मॉडल पर रहेगा फोकस
इस अभियान का एक बड़ा उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल और राज्य सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाना भी है। भाजपा नेताओं का मानना है कि विकास और जनकल्याण के मुद्दे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण अभियान के दौरान सड़क, बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए ‘प्रगति पथ यात्रा’, ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ और विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियों का आयोजन भी प्रस्तावित है। पार्टी चाहती है कि जनता तक यह संदेश पहुंचे कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
चुनावी तैयारी के रूप में देखा जा रहा अभियान
राजनीतिक जानकार इस पूरे अभियान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य माना जाता है और यहां का चुनाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव डालता है। ऐसे में भाजपा जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा रही है। गांवों में रात्रि विश्राम और सीधे संवाद जैसे कार्यक्रमों से नेताओं को स्थानीय समस्याओं की जानकारी भी मिलेगी और जनता के साथ संबंध भी मजबूत होंगे। आने वाले महीनों में यह अभियान कितना प्रभावी साबित होता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल इतना तय है कि चुनावी माहौल बनने से पहले भाजपा जनता तक पहुंचने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।
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