उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही राज्य के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज न मिलने और लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई।
मंत्री का सख्त रुख, तुरंत जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए Brajesh Pathak ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजी जाए ताकि दोषियों की पहचान हो सके। मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि रिपोर्ट मिलते ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से साफ है कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहती।
पीड़ित परिवार के साथ सरकार, न्याय का भरोसा
मंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिल जाता तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी। इस बयान के बाद प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव और बढ़ गया है।
कड़ी कार्रवाई का वादा, बनेगी मिसाल?
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य में मिसाल बनेगी। स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा की जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि इस दर्दनाक घटना के पीछे असली जिम्मेदार कौन है।
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