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गोरखपुर से मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा फरमान, अब इस गलती पर सीधे सस्पेंड होंगे सरकारी अधिकारी, मच गया हड़कंप!

गोरखपुर जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमीन विवादों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सस्पेंड करने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया,

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गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बेहद सख्त रूप देखने को मिला है। लगातार दूसरे दिन बुधवार की सुबह जब सीएम योगी जनता की फरियाद सुन रहे थे, तब उनके सामने जमीन विवाद और राजस्व विभाग से जुड़े कई गंभीर मामले आए। कुछ पीड़ितों ने सीधे तौर पर शिकायत की कि स्थानीय राजस्व कर्मी और अधिकारी उनकी जमीनी समस्याओं को सुलझाने में ढिलाई बरत रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी (डीएम) को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई, तो जांच के फेर में पड़े बिना सीधे निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई की जाए। सीएम के इस रुख से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।

पीड़ित महिला को तुरंत मकान वापस दिलाने का आदेश, समय सीमा तय

जनता दर्शन के दौरान करीब 150 लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचे थे। सीएम योगी ने खुद एक-एक करके लोगों के पास जाकर उनके प्रार्थना पत्र लिए और पूरी संजीदगी से उनकी बातें सुनीं। इसी बीच एक बेबस महिला ने रोते हुए शिकायत की कि दबंगों ने उसे उसके ही मकान से बेदखल कर दिया है। महिला की पीड़ा सुनते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को तलब किया और निर्देश दिया कि पीड़िता को अविलंब उसके मकान पर वापस कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता की शिकायतों का निपटारा न केवल तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए, बल्कि वह पूरी तरह से निष्पक्ष और संतोषजनक भी होना चाहिए ताकि किसी गरीब को दोबारा परेशान न होना पड़े।

इलाज के पैसे नहीं हैं तो न हों परेशान, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

जमीन के विवादों के अलावा जनता दर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी पहुंचे थे, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे थे। एक महिला ने जब अपनी मां के इलाज के लिए गुहार लगाई, तो सीएम योगी ने तुरंत उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला के पास कार्ड न होने की बात जानकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाया जाए। सीएम ने जनता को भरोसा दिलाया कि पैसों की कमी के कारण किसी का भी इलाज नहीं रुकेगा। जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है या जिनका खर्च उससे ज्यादा है, उन्हें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सीधे आर्थिक सहायता राशि जारी की जाएगी।

गौशाला में सेवा और बच्चों को चॉकलेट, दिखा सीएम का चिरपरिचित अंदाज

कड़े प्रशासनिक तेवरों के बीच बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री का एक बेहद संवेदनशील और आत्मीय रूप भी देखने को मिला। अपनी रोजमर्रा की परंपरा के अनुसार, सीएम योगी ने सबसे पहले गुरु गोरखनाथ और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे सीधे मंदिर की गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाकर गोसेवा की। इसके बाद जब वे मंदिर परिसर में घूम रहे थे, तो वहां मौजूद छोटे बच्चों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाकर प्यार किया, उनकी पढ़ाई-लिखाई का हालचाल जाना और उन्हें चॉकलेट उपहार में दी। सीएम ने बच्चों को खूब मन लगाकर पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

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