मुजफ्फरपुर के एक प्रमुख अस्पताल में गुरुवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया जब ICU वार्ड में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घटना सुबह करीब 3 बजे के आसपास हुई, जब ICU में गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा था। आग लगते ही पूरे वार्ड में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे मरीजों और स्टाफ को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। शुरुआती जानकारी के अनुसार अब तक 3 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 15 मरीजों को निकाला गया, कई की हालत नाजुक
अग्निकांड की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। फायर विभाग के अनुसार ICU में कुल 15 बेड थे, जिनमें सभी मरीज भर्ती थे। राहत और बचाव कार्य के दौरान 12 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। हालांकि धुएं की चपेट में आने से कई मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका: मशीनों से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी पर शक
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ICU में ऑक्सीजन सप्लाई मशीन, हार्ट मॉनिटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरण लगातार चल रहे थे। आशंका है कि इन्हीं में किसी तकनीकी खराबी के कारण आग भड़की होगी। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
अस्पताल प्रबंधन मौके से नदारद
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार मौके पर अस्पताल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया गया है और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पीड़ित परिवारों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और वे लापरवाही की जांच की मांग कर रहे हैं।
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