दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन के बीच बातचीत को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, CJP के नेताओं ने फिलहाल सरकार के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि वह आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना उसकी प्राथमिकता है। हालांकि, सूत्रों के हवाले से सामने आई इस जानकारी के बाद फिलहाल दोनों पक्षों के बीच वार्ता की संभावना पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी जारी है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।
सरकार ने दोहराया- बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं
केंद्र सरकार की ओर से कई वरिष्ठ नेताओं ने लगातार कहा है कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए किसी भी समय तैयार हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पहले भी स्पष्ट किया था कि CJP के प्रतिनिधि जब चाहें, सरकार उनसे मुलाकात कर सकती है। उन्होंने कहा था कि सभी मुद्दों पर खुले मन से चर्चा होगी और समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और संवाद के माध्यम से रास्ता निकालना चाहती है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद के भीतर और बाहर चर्चा की इच्छा जताई थी।
पहले बातचीत की इच्छा, अब बदला रुख
इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि इससे पहले CJP की ओर से बातचीत के संकेत दिए गए थे। संगठन के प्रवक्ता ने कहा था कि यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं तो सरकार के साथ वार्ता की जा सकती है। इसके बाद सरकार ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारी जहां और जब चाहें, बातचीत के लिए समय तय किया जा सकता है। लेकिन अब सूत्रों के अनुसार संगठन ने फिलहाल बातचीत से दूरी बना ली है। हालांकि, इस संबंध में संगठन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
सरकार के नए कदम के बावजूद जारी है आंदोलन
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि छात्रों का भविष्य उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अभी भी जारी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोई नई पहल होती है या आंदोलन इसी तरह आगे बढ़ता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के मद्देनज़र आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
