समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर के विधायक शिवपाल सिंह यादव के एक हालिया दौरे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है। रामपुर पहुंचे शिवपाल यादव ने जिला कारागार में सपा के कद्दावर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से लंबी मुलाकात की। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि आने वाले समय में पार्टी की क्या रणनीति रहने वाली है और किस बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।
जेल मुलाकात के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह
जेल के भीतर करीब आधे से एक घंटे तक चली इस गुप्त बैठक के बाद शिवपाल यादव सीधे आजम खान के आवास पहुंचे और उनकी पत्नी तंजीम फातिमा से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को पूरी तरह एकजुट होने का आह्वान किया और पार्टी की जीत का दावा करते हुए एक बड़ा सियासी संदेश दिया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
जौहर यूनिवर्सिटी और अधिकारियों पर सख्त तेवर
कारागार और आवास के बाद शिवपाल यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया और वहां के मौजूदा हालातों का जायजा लिया। यूनिवर्सिटी परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ अनुचित कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम और शिक्षण संस्थान के हितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
भविष्य की रणनीतियों पर टिकी निगाहें
शिवपाल यादव ने आजम खान की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जाहिर करते हुए उनकी परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी एकता का संदेश दिया। अब देखना यह है कि शिवपाल यादव के इन बयानों और दौरों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी दिनों में क्या नए मोड़ आते हैं और विपक्षी दलों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रहती है।
