Hardoi News: हरदोई में एक सड़क हादसे के बाद एक परिवार पर ऐसा दुख टूटा, जिसमें एक तरफ तीन अपनों की मौत का मातम था तो दूसरी ओर नए बच्चे के जन्म की खबर। शनिवार दोपहर समुदा गांव के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। बाइक पर लोनार क्षेत्र के भुवन पुरवा की रहने वाली गुड्डी देवी (49), उनके बेटे सोहेल (25) और रामापुर छैय्या निवासी दामाद रमेश (32) सवार थे। तीनों गर्भवती कामिनी को प्रसव के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बारिश ने अंतिम संस्कार की मुश्किल बढ़ाई
हादसे के बाद पोस्टमार्टम पूरा होने पर शनिवार देर शाम शव घर लाए गए, लेकिन परिवार के सामने एक और परेशानी खड़ी थी। लगातार बारिश से गांव के आसपास के खेत और अंतिम संस्कार की जगह पानी में डूबी हुई थी। सूखी जमीन और लकड़ी नहीं मिलने के कारण परिजन परेशान हो गए। गुड्डी के पति सर्वेश ने बताया कि करीब एक साल पहले ही उन्होंने अपने बड़े बेटे को खो दिया था और अब पत्नी व बेटे की मौत ने परिवार को फिर गहरे सदमे में डाल दिया। आखिरकार परिजनों ने गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर शारदा नहर के पास ऊंची जमीन तलाश की।
जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मां-बेटे को दफनाया
अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने पर परिजनों ने शारदा नहर के किनारे ऊंचे स्थान पर जेसीबी से गड्ढा खुदवाया। रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे गुड्डी देवी और उनके अविवाहित बेटे सोहेल के शवों को वहीं दफनाया गया। वहीं रमेश का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रामापुर छैय्या में चिता जलाकर किया गया। एक ही हादसे में परिवार से जुड़े तीन लोगों की मौत के बाद दोनों गांवों में शोक का माहौल रहा। बारिश और पानी के बीच परिवार को अंतिम विदाई की रस्में भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में पूरी करनी पड़ीं।
सदमे के बीच कामिनी ने दिया बेटे को जन्म
इस दर्दनाक घटना के बीच रविवार सुबह परिवार में एक नई जिंदगी ने दस्तक दी। हादसे में घायल और गर्भवती कामिनी ने सुबह 8:05 बजे महिला चिकित्सालय में ऑपरेशन के जरिए बेटे को जन्म दिया। कुछ ही घंटे पहले वह अपने पति रमेश, सास गुड्डी और भाई सोहेल को खो चुकी थीं। ऐसे में बच्चे का जन्म परिवार के लिए दुख के बीच एक भावुक पल बन गया। कामिनी का कहना है कि मां, भाई और पति को खोने के बाद अब यही नवजात बेटा उनके जीवन का सहारा है।
