राजधानी लखनऊ में विदेशी युवतियों को कथित तौर पर अवैध रूप से ठहराकर देह व्यापार का नेटवर्क चलाने के मामले में करीब एक साल से फरार उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लखनऊ पुलिस और खुफिया एजेंसी की टीम ने मंगलवार शाम गोमती नगर इलाके में मैक्स अस्पताल के पास से उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, लोला जून 2025 में सामने आए मामले के बाद से फरार थी और पहचान छिपाने के लिए उसने अपने चेहरे में बदलाव भी कराया था। गिरफ्तारी के बाद उसे सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
विदेशी युवतियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था लोला का नाम
मामला जून 2025 में सामने आया था। पुलिस और एफआरआरओ की टीम ने सुशांत गोल्फ सिटी के ओमेक्स आर-वन स्थित एक फ्लैट में छापा मारकर दो उज्बेकिस्तानी महिलाओं को पकड़ा था। उनके पास भारत में रहने के लिए जरूरी पासपोर्ट और वीजा नहीं होने की बात सामने आई थी। पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम होलिडा और नीलोफर बताए। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि दोनों को लोला कायूमोवा लखनऊ लाई थी और उनसे मसाज पार्लर के जरिए काम कराया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही लोला मौके से फरार हो गई थी। इसके बाद से उसकी तलाश जारी थी।
पुलिस से बचने के लिए हुलिया बदलने का आरोप
जांच में पुलिस को लोला के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं। आरोप है कि वह नेपाल और उज्बेकिस्तान के संपर्कों के जरिए विदेशी महिलाओं को भारत लाती थी और लखनऊ के पॉश इलाकों में किराए के फ्लैटों में ठहराती थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए लोला ने अपने हुलिए में बड़ा बदलाव कराया था। जांच में उसके चेहरे समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई बार कॉस्मेटिक सर्जरी कराने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इसमें किस-किस व्यक्ति ने उसकी मदद की और सर्जरी कराने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज सही थे या नहीं।
फर्जी दस्तावेज और शादी की कहानी भी जांच के घेरे में
पुलिस की जांच में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि लोला ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी विवाह प्रमाणपत्र का सहारा लिया और उसके आधार पर भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए। जांच एजेंसियों के अनुसार, जिस व्यक्ति को दस्तावेजों में उसका पति बताया गया, उसके भी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लखनऊ में उसके रहने, विदेशी महिलाओं को ठहराने और अलग-अलग ठिकानों तक पहुंच बनाने में किन स्थानीय लोगों ने मदद की। उज्बेकिस्तान में भी उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस होने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं नेटवर्क के बड़े राज
लोला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों पर भी है, जो विदेशी महिलाओं को भारत लाने, उन्हें ठहराने, दस्तावेज तैयार कराने और कथित देह व्यापार के लिए ठिकाने उपलब्ध कराने में मदद करते थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और क्या लखनऊ के अलावा दूसरे शहरों में भी इसका कनेक्शन था। लंबे समय से फरार लोला के पकड़े जाने के बाद अब जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है और पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम सामने आ सकते हैं।
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