Homeदेश‘22 लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद?’ NEET विवाद पर राहुल गांधी का...

‘22 लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद?’ NEET विवाद पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर विस्फोटक हमला

NEET-UG परीक्षा विवाद पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला। आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की।

-

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर सियासत और छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि NEET परीक्षा में शामिल हुए 22 लाख छात्रों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री को नहीं हटाया जाता, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री को लेनी चाहिए। राहुल ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रही।

परीक्षा घोटालों पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने दावा किया कि साल 2015 से 2026 के बीच देशभर में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, जिनमें से 87 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। उनके मुताबिक इन घटनाओं से करीब 9 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई मामलों की जांच सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों ने की, लेकिन अब तक किसी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार गहराई तक पहुंच चुका है और जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय नहीं मिल रहा, जबकि घोटालों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई तक नहीं होती। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की चिंता करने के बजाय अपनी छवि बचाने में लगी हुई है।

छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया

राहुल गांधी ने NEET परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों का जिक्र करते हुए सरकार पर भावनात्मक हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के छात्र ऋतिक मिश्रा और गोवा के एक अन्य छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि ये बच्चे परीक्षा में असफल नहीं हुए थे, बल्कि एक खराब व्यवस्था के शिकार बने। राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्र मानसिक तनाव में चले गए और उन्हें लगा कि उनकी मेहनत बेकार हो गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता से हुई मौतें हैं। राहुल ने कहा कि जब छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से उठने लगे, तो यह किसी भी देश के लिए गंभीर चेतावनी होती है।

21 जून को दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के आरोपों के बाद NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह परीक्षा 3 मई को कराई गई थी। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने महीनों तक तैयारी की थी और अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। वहीं विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक और अधिक गरमाने की संभावना है, क्योंकि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े हो चुके हैं।

Read more-दुनिया पर मंडरा रहा नया आर्थिक खतरा? पीएम मोदी बोले- ‘हालात नहीं बदले तो मिट जाएगी दशकों की…’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts