दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में तैनात जज अमन शर्मा की आत्महत्या की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद उनका शव उनके गृह नगर अलवर लाया गया, जहां पूरे परिवार और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। सबसे भावुक पल तब आया जब उनके पिता, एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा, ने रोते हुए अपने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और हर आंख नम दिखी।
अंतिम संस्कार में न्यायिक सेवा से जुड़े कई अधिकारी भी पहुंचे, जो अलग-अलग राज्यों से आए थे। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि जज की पत्नी और उनके दोनों छोटे बच्चे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पत्नी अपने बच्चों को लेकर घर से चली गई थी। यह पहलू अब पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।
‘आखिरी कॉल’ और फिर उठाया बड़ा कदम
परिजनों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले यानी 1 मई की रात करीब 8 बजे अमन शर्मा ने एक करीबी रिश्तेदार को फोन किया और कहा कि यह उनका “आखिरी कॉल” है। इस बात ने परिवार को पहले ही चिंता में डाल दिया था। फोन मिलने के बाद परिजन तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि 2 मई को दोपहर में अमन ने आत्महत्या कर ली। परिवार के कुछ सदस्यों का दावा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर ऐसा कौन सा कारण था, जिसने एक जज को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
रिश्तों में खटास और आरोपों का दौर
परिवार और आसपास के लोगों की मानें तो अमन शर्मा और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पड़ोसियों का कहना है कि शादी के बाद पत्नी अलवर बहुत कम आती थी और ज्यादातर समय बाहर ही रहती थी। कुछ महीने पहले ही उसने अलवर के एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि अमन को मानसिक रूप से काफी परेशान किया गया। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि घटना के समय घर में पत्नी की बहन भी मौजूद थी, जो प्रशासनिक सेवा में उच्च पद पर कार्यरत बताई जा रही है। इसके अलावा पत्नी के रिश्तेदारों के बारे में भी कहा जा रहा है कि वे पुलिस सेवा में वरिष्ठ पदों पर हैं। इन सभी बातों ने मामले को और जटिल बना दिया है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच की मांग और उठते बड़े सवाल
इस घटना के बाद परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि अगर किसी तरह का मानसिक दबाव या उत्पीड़न हुआ है, तो उसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं, यह मामला अब केवल एक आत्महत्या का नहीं रह गया, बल्कि इसके पीछे के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
समाज के स्तर पर भी यह घटना कई गंभीर मुद्दों को उजागर करती है, जैसे मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक विवाद और पेशेवर दबाव। एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत व्यक्ति का इस तरह कदम उठाना यह संकेत देता है कि अंदरूनी तनाव कितना गहरा हो सकता है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस दर्दनाक घटना की असली वजह क्या थी।
