छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों को नक्सलियों द्वारा छिपाए गए विस्फोटक मिले थे। इन्हें निष्क्रिय करने के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिसमें चार जवान शहीद हो गए। यह घटना 2 मई 2026 की बताई जा रही है। विस्फोट इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू करना पड़ा।
सगाई के 15 दिन बाद टूटा परिवार, शादी के सपने अधूरे रह गए
शहीद जवान संजय कुमार गढ़पाले की कहानी सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली है। संजय हराडुला गांव के रहने वाले थे और बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते थे। परिवार ने हाल ही में उनकी सगाई की थी, जो सिर्फ 15 दिन पहले हुई थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और जनवरी 2027 की तारीख तय की गई थी। लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि खुशियों से भरा घर अचानक मातम में बदल गया। जैसे ही शहीद की खबर घर पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
विस्फोटक नष्ट करने के दौरान हुआ हादसा
पुलिस और सुरक्षा बलों को जंगल में नक्सलियों द्वारा डंप किया गया भारी मात्रा में विस्फोटक मिला था। शुरुआती जांच में कंप्यूटर उपकरणों के साथ-साथ करीब 75 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई। इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर मौजूद थी। लेकिन नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक रासायनिक प्रतिक्रिया हुई और जोरदार धमाका हो गया। इस विस्फोट में निरीक्षक सुखराम वट्टी, आरक्षक कृष्णा कोमरा, आरक्षक संजय गढ़पाले और एक अन्य जवान शहीद हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
घर में मातम, पिता बोले—सपने सब टूट गए
शहीद संजय गढ़पाले के पिता, जो गांव में एक छोटी साइकिल दुकान चलाते हैं, बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए। परिवार के अनुसार, संजय हमेशा देश की सेवा का सपना देखते थे और उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद बस्तर फाइटर्स में नौकरी हासिल की थी। अधिकारियों ने बताया कि टीम ने पहले भी कई बार सफलतापूर्वक नक्सली विस्फोटक निष्क्रिय किए थे, लेकिन इस बार हादसा हो गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं। शहीद जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो हर कोई भावुक हो उठा।
