पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले राजधानी कोलकाता के भवानीपुर इलाके में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए मौके पर धरना दिया। यह घटना सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल परिसर के पास हुई, जहां ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई हैं। ममता करीब चार घंटे तक वहीं बैठी रहीं और प्रशासन पर सवाल उठाती नजर आईं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति कुछ संदिग्ध वाहनों को स्ट्रॉन्ग रूम के नजदीक जाने दिया गया, जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। जैसे-जैसे मतगणना का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच अविश्वास और सतर्कता दोनों बढ़ती जा रही हैं।
टीएमसी के आरोप: ‘बीजेपी झंडे वाली गाड़ियों को मिली एंट्री’
All India Trinamool Congress के कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि एक सफेद रंग की गाड़ी, जिस पर Bharatiya Janata Party का झंडा लगा था, उसे बिना सख्त जांच के स्ट्रॉन्ग रूम के पास जाने दिया गया। एक कार्यकर्ता के अनुसार, “पुलिस आम लोगों की साइकिल तक चेक कर रही थी, लेकिन एक वाहन को बिना जांच के अंदर जाने दिया गया। उस गाड़ी पर ‘Army’ लिखा हुआ था और बीजेपी का चिन्ह भी दिखाई दे रहा था।” इस दावे के बाद कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। टीएमसी नेताओं का कहना है कि ऐसी घटनाएं चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती हैं और इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है। पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
प्रशासन और चुनाव आयोग की सफाई
इन आरोपों के बाद प्रशासन और Election Commission of India की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संबंधित वाहन हरीश मुखर्जी रोड से गुजर रहा था और सुरक्षा बलों द्वारा उसकी जांच की गई थी। अधिकारी के अनुसार, “गाड़ी की पूरी तरह तलाशी ली गई और उसमें कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं पाई गई, इसलिए उसे आगे जाने की अनुमति दी गई।” पुलिस अधिकारियों का भी कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सख्त है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही। हालांकि, इस सफाई के बावजूद विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राज्य के कई अन्य इलाकों से भी इसी तरह के विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है।
मतगणना से पहले बढ़ी सतर्कता, हर सीट पर नजर
4 मई, सोमवार को सुबह 8 बजे से पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर मतगणना शुरू होगी (फाल्टा सीट को छोड़कर)। इस बार चुनाव बेहद करीबी माने जा रहे हैं और All India Trinamool Congress तथा Bharatiya Janata Party के बीच कड़ी टक्कर की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सभी दल स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नतीजों से पहले इस तरह के विवाद चुनावी तनाव को और बढ़ाते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम ही तस्वीर साफ करेगा। फिलहाल, पूरे राज्य की नजर मतगणना के दिन पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
