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“वो मैं ही थी…” ट्रैफिक जाम में मंत्री से भिड़ी महिला का खुलासा, बोली—गुस्से में नहीं, मजबूरी में…

मुंबई वर्ली ट्रैफिक जाम विवाद में मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ी महिला टीना चौधरी का बयान सामने आया। बोलीं—गुस्से में नहीं, हालात से परेशान होकर उठाया कदम।

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महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वर्ली इलाके में पिछले महीने एक राजनीतिक रैली के दौरान लगे भीषण ट्रैफिक जाम का मामला अब फिर सुर्खियों में है। इसी जाम के दौरान एक महिला और राज्य सरकार के मंत्री गिरीश महाजन के बीच तीखी बहस हो गई थी। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी और उस समय महिला के व्यवहार को लेकर काफी चर्चा हुई थी। अब इस पूरे मामले में नया मोड़ आया है क्योंकि वही महिला सामने आकर अपनी बात रख रही है।

महिला का बयान: “मैंने एक घंटे तक धैर्य रखा”

वायरल वीडियो में दिखी महिला, जिनका नाम टीना चौधरी बताया जा रहा है, ने एक नया वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उस दिन 21 अप्रैल को वह अपनी बेटी को म्यूजिक क्लास छोड़ने गई थीं और लौटते समय वह भारी ट्रैफिक जाम में फंस गईं। टीना के अनुसार, वह लगभग 25 मिनट तक कार में बैठी रहीं, लेकिन जब ट्रैफिक नहीं खुला तो वह खुद बाहर निकलीं ताकि स्थिति समझ सकें। उनका कहना है कि उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कई बार अपील की कि दो बसों को हटाकर रास्ता खोला जाए, लेकिन शुरुआत में कोई सुनवाई नहीं हुई।

“बोतल फेंकी थी ध्यान खींचने के लिए, हमला नहीं”

टीना चौधरी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया था। वायरल वीडियो में जिस घटना को लेकर विवाद हुआ था, उस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बोतल प्रदर्शनकारियों या किसी रैली की ओर नहीं फेंकी थी, बल्कि उसे जमीन पर फेंककर सिर्फ पुलिस का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि उस समय हालात इतने बिगड़ चुके थे कि लोगों को घंटों से परेशानी हो रही थी और कोई समाधान नहीं मिल रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री गिरीश महाजन ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने उनकी बात सुनी और उसके बाद ही ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया।

राजनीति में न खींचने की अपील, मामला अब शांत होने की कोशिश में

टीना चौधरी ने अपने वीडियो में यह भी अपील की कि उनकी बातों को किसी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने कहा कि वह किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं और उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। यह घटना उस समय हुई थी जब महिला आरक्षण से जुड़ा एक संशोधन बिल चर्चा में था और भारतीय जनता पार्टी ने उसी दिन रैली निकाली थी। ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई थी, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया था कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

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