पुणे में हुए सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस वारदात के बाद इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की पीड़ित मां, उमा रघुवंशी का दर्द एक बार फिर सोशल मीडिया और मीडिया के सामने छलक पड़ा है। उमा रघुवंशी ने बेहद भावुक और गुस्से भरे लहजे में कहा कि आज के दौर में कुछ लड़कियों को अपराध करने की हिम्मत इसलिए मिल रही है क्योंकि उन्हें कानून का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने समाज और व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लड़कियों को शादी नहीं करनी होती, तो वे पहले ही साफ मना क्यों नहीं कर देतीं? सगाई होने और शादी तय होने के बाद अपने ही होने वाले जीवनसाथी को मौत के घाट उतार देना किस तरह की मानसिकता है? सिया ने जिस तरह केतन की जान ली, उसने उमा रघुवंशी को उनके बेटे राजा की याद दिला दी, जिसे सोनम नाम की लड़की ने ऐसे ही दर्दनाक अंजाम तक पहुंचाया था।
जमानत बनी अपराधियों का हौसला: ‘सोनम को सजा मिलती तो सिया हिम्मत न करती’
उमा रघुवंशी का मानना है कि कानून की ढील ही ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सीधे तौर पर व्यवस्था को घेरते हुए कहा कि सोनम को महज 11 महीने में जमानत मिल गई, जिसने दूसरी शातिर लड़कियों के हौसले बुलंद कर दिए। सिया जैसी लड़कियों को लगता है कि वे मर्डर जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर भी साफ बच निकलेंगी। उन्होंने भावुक होते हुए पूछा कि आज केतन की मां पर क्या गुजर रही होगी? एक मां से उसका ‘राम’ जैसा बेटा छीन लिया गया। उमा देवी ने सरकार और न्यायपालिका से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि इन आरोपी लड़कियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा सुनाई जाए। उन्होंने कहा कि जब भी वह अपने बेटे राजा के गम से उबरने की कोशिश करती हैं, तो सोनम की जमानत या फिर पुणे जैसी दिल दहला देने वाली घटनाएं उनके जख्मों को फिर से हरा कर देती हैं।
लड़कियों के पीछे ‘मगरमच्छ के आंसू’: भाई सचिन रघुवंशी का तीखा हमला
इस पूरे मामले पर दिवंगत राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है। सचिन ने कहा कि केतन की हत्या की खबर सुनने के बाद वह रात भर सो नहीं पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज समाज में सोनम जैसी लड़कियां ‘किंग’ यानी मास्टरमाइंड बनकर उभर रही हैं, जो दूसरी लड़कियों को अपराध के नए-नए आइडिया दे रही हैं। सचिन ने आरोपियों के परिवारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लड़कियों के माता-पिता शुरुआत में मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं, लेकिन बाद में अपनी पूरी ताकत लगाकर उन्हें छुड़ा लाते हैं। उन्होंने सोनम के पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि वे खुद अपनी बेटी को बचाने शिलॉन्ग तक पहुंच गए थे। परिवार के इसी शह के कारण लड़कियों को घमंड रहता है कि वे कुछ भी करेंगी, उनके पिता उन्हें जेल से बाहर निकाल ही लेंगे।
शादी का खौफ और सामाजिक दबाव: क्यों डर रहे हैं आज के लड़के?
रघुवंशी परिवार ने आज के युवाओं और पारिवारिक दबाव की कड़वी सच्चाई को भी सामने रखा। सचिन रघुवंशी के अनुसार, आज की कई लड़कियां अपने माता-पिता की इज्जत की खातिर शुरुआत में तो शादी के लिए हां कह देती हैं, लेकिन बाद में अपनी मर्जी चलाने या किसी अन्य वजह से होने वाले पति की हत्या तक करने से नहीं हिचकतीं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब लड़के और उनके परिवार शादी के नाम से ही घबराने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि जब तक सोनम और सिया जैसी लड़कियों को कोर्ट से ऐसी सजा नहीं मिलेगी जो मिसाल बने, तब तक माताओं की गोद सूनी होती रहेगी। समाज में सुरक्षित विवाह और लड़कों की सुरक्षा को लेकर अब एक नई बहस छिड़ गई है, जहां न्याय की मांग सबसे ऊपर है।
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