पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां चाय बागान में काम कर रहे भारतीय किसान दीपांकर गोप को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक अपने साथ ले गए। घटना राजगंज ब्लॉक की कुकुरजन ग्राम पंचायत के तासारपारा इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, दीपांकर अपने चाय के बागान में काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 बांग्लादेशी नागरिक भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए और उन्हें पकड़कर सीमा पार ले गए। बताया जा रहा है कि उनका बागान सीमा की बाड़ से करीब 150 गज के दायरे में है और यह इलाका BSF की चौलहाटी चौकी के अधिकार क्षेत्र में आता है।
BSF ने BGB से की बातचीत, लेकिन नहीं छूट सके किसान
घटना की जानकारी मिलते ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) सक्रिय हुआ। शनिवार शाम BSF और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई। इस बैठक का मकसद दीपांकर गोप को सुरक्षित वापस लाना था, लेकिन तत्काल कोई सफलता नहीं मिल सकी। BSF लगातार बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में है। इस बीच सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि दीपांकर को तब तक बंधक रखा जाएगा, जब तक भारत द्वारा तमीजउद्दीन को रिहा नहीं किया जाता। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
तमीजउद्दीन की गिरफ्तारी से जुड़ा बताया जा रहा है मामला
बताया जा रहा है कि BSF ने घटना से करीब दो दिन पहले एक बांग्लादेशी नागरिक तमीजउद्दीन को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी को दीपांकर गोप के अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा है। जलपाईगुड़ी के राजगंज क्षेत्र के विधायक दिनेश सरकार ने भी आशंका जताई है कि यह घटना बदले की कार्रवाई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल के परिवहन राज्य मंत्री आनंद बर्मन ने कहा है कि राज्य सरकार BSF के साथ मिलकर मामले पर काम कर रही है और उम्मीद है कि दीपांकर को जल्द सुरक्षित वापस लाया जाएगा। दूसरी ओर, जिला लघु चाय उत्पादक संघ ने सीमा के आसपास खेती करने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
बांग्लादेशी पक्ष का दावा क्या है?
इस मामले को लेकर बांग्लादेशी मीडिया में अलग दावा सामने आया है। यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (UNB) के हवाले से बताया गया कि पंचगढ़ के सीमावर्ती इलाके में स्थानीय लोगों ने एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई कथित तौर पर एक बुजुर्ग बांग्लादेशी नागरिक को BSF द्वारा पकड़े जाने के जवाब में की गई। स्थानीय दावे के मुताबिक, तमीजउद्दीन 78 वर्षीय किसान थे और अपनी खोई हुई गाय को खोजने सीमा क्षेत्र में गए थे। आरोप है कि उन्हें BSF के चौलहाटी कैंप के जवानों ने पकड़ लिया। वहीं, भारतीय पक्ष की ओर से दीपांकर गोप को बांग्लादेश ले जाने की बात सामने आई है। फिलहाल दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच संपर्क जारी है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपांकर गोप की सुरक्षित वापसी कब होती है।
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