जबलपुर जिले में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। खिरैनी गांव का रहने वाला 25 वर्षीय मानक वर्मा पुलिस दबिश के दौरान नर्मदा नदी में कूद गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना जमतरा घाट की बताई जा रही है, जहां पुलिस और प्रशासन की टीम रेत खनन से जुड़ी कार्रवाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि मानक पहले से ही पुलिस की कस्टडी में था, लेकिन अचानक वह भागकर नदी की तरफ गया और छलांग लगा दी। देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह पानी में चला गया।
मोबाइल बचाने की कोशिश में गई जान, वायरल वीडियो ने बढ़ाया दर्द
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं। वीडियो में मानक पानी में संघर्ष करता नजर आता है। वह एक हाथ से तैरने की कोशिश कर रहा था और दूसरे हाथ में अपना मोबाइल फोन पकड़े हुए था। बताया जा रहा है कि उसने कुछ महीने पहले ही 15 हजार रुपये का मोबाइल किस्तों पर लिया था, जिसकी किश्त वह मजदूरी करके चुका रहा था। मोबाइल खराब न हो जाए, इस डर में उसने उसे छोड़ने के बजाय पानी में भी संभालकर रखने की कोशिश की। लेकिन इसी जद्दोजहद में वह थक गया और धीरे-धीरे गहरे पानी में चला गया।
गरीबी और मजबूरी में जी रहा था परिवार का सहारा
मानक वर्मा अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके घर में बूढ़े माता-पिता, पत्नी और छोटा बच्चा है। कुछ समय पहले तक वह मजदूरी करता था, लेकिन काम छूटने के बाद उसने रेत निकालने का छोटा काम शुरू किया था। वह दिनभर मेहनत करके मुश्किल से कुछ रुपये कमा पाता था। परिवार की जिम्मेदारियों और कर्ज के बोझ के बीच उसकी जिंदगी पहले से ही संघर्ष में चल रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि वह मेहनती था, लेकिन हालात ने उसे बहुत मुश्किल में डाल दिया था।
मौत के बाद गांव में गुस्सा, प्रशासन पर उठे सवाल
पोस्टमार्टम के बाद जब मानक का शव गांव पहुंचा तो माहौल बेहद भावुक और गुस्से से भरा हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि छोटे मजदूरों पर सख्ती की जाती है, जबकि बड़े अवैध काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सही मदद मिलती तो शायद यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
