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NEET री-एग्जाम में बड़ा सुरक्षा घेरा! 18 जगहों पर एयरफोर्स करेगी पेपर डिलीवरी, क्या क्यों?

NEET री-एग्जाम 21 जून को होगा, जिसमें पहली बार एयरफोर्स 18 जगहों पर पेपर डिलीवर करेगी। सरकार ने परीक्षा को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है।

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NEET री-एग्जाम 21 जून को देशभर में आयोजित किया जाएगा और इससे पहले परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े कदम उठाए गए हैं। इस बार पहली बार भारतीय वायुसेना को परीक्षा पेपर के सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है। जानकारी के अनुसार, एयरफोर्स के विमान देशभर की 18 अलग-अलग लोकेशन पर परीक्षा के प्रश्न पत्र पहुंचाएंगे, जहां से इन्हें आगे परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाना है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म की जा सके।

रक्षा मंत्रालय की निगरानी में पूरी व्यवस्था

रक्षा मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है। हालांकि लोकेशन को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि 18 केंद्रों तक एयरफोर्स के जरिए पेपर पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से इन्हें परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा। सरकार और NTA का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा सामग्री किसी भी स्तर पर लीक या छेड़छाड़ से पूरी तरह सुरक्षित रहे। पिछले विवादों को देखते हुए इस बार सिस्टम को और मजबूत किया गया है।

 22 लाख छात्रों की परीक्षा

इस बार NEET री-एग्जाम में करीब 22 लाख से ज्यादा छात्र हिस्सा लेंगे। परीक्षा को सफल और निष्पक्ष बनाने के लिए करीब 5 लाख सुरक्षा कर्मियों को देशभर में तैनात किया जाएगा, जिसमें पैरामिलिट्री फोर्स भी शामिल होगी। हर परीक्षा केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके चलते इस बार प्रशासन किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए बेहद सतर्क है।

 सरकार की सख्ती और एयरफोर्स की एंट्री 

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार पूरी प्रक्रिया को एक हाई-सिक्योरिटी मिशन की तरह तैयार किया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही संकेत दिए थे कि पेपर ट्रांसपोर्टेशन के लिए रक्षा मंत्रालय से सहयोग लिया गया है, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरफोर्स की एंट्री से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा। अब सभी की नजर 21 जून की परीक्षा पर है, जिसे लेकर देशभर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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