भागलपुर में एक बड़ी और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां JDU सांसद Ajay Kumar Mandal के तिलकामांझी स्थित आवासीय कार्यालय में अज्ञात चोरों ने सेंध लगा दी। यह घटना उस समय हुई जब आवास बंद था और अंदर कोई मौजूद नहीं था। चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और पूरे ऑफिस को खंगाल डाला। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आरोपियों ने पहले से रेकी की थी और उन्हें पता था कि रविवार को कार्यालय पूरी तरह बंद रहेगा। इस वजह से उन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और आसानी से अंदर घुसकर सामान समेट लिया।
ऑफिस का सामान और हथियार भी गायब
चोरों ने सिर्फ सामान्य सामान ही नहीं बल्कि कई अहम चीजों को भी निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, कंप्यूटर, सीपीयू, महत्वपूर्ण दस्तावेज और सीसीटीवी कैमरे का DVR भी चोर अपने साथ ले गए। सबसे गंभीर बात यह है कि सांसद के सुरक्षा गार्ड की सरकारी पिस्टल भी गायब मिली है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि किसी भी वीआईपी परिसर से हथियार और रिकॉर्डिंग सिस्टम का गायब होना बेहद संवेदनशील माना जाता है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से चोर आसानी से कैसे सब कुछ ले गए।
सुबह ऑफिस खुलते ही सामने आया सच
घटना का खुलासा सोमवार सुबह हुआ जब कार्यालय सचिव गौरव कुमार रोज की तरह काम पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि गेट का ताला टूटा हुआ है और अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा है। अलमारियों से दस्तावेज गायब थे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी नहीं मिले। तुरंत इसकी सूचना पुलिस और सांसद को दी गई। इसके बाद तिलकामांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने पाया कि चोरों ने पहचान छिपाने के लिए CCTV का DVR भी साथ ले लिया, जिससे सीधे सबूत मिलना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद पुलिस आसपास के इलाकों के कैमरों और तकनीकी जांच के जरिए सुराग जुटाने में लगी है।
सुराग जुटाने में लगी टीम, कई सवाल अब भी बाकी
इस हाईप्रोफाइल चोरी के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर मानते हुए सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की है। तकनीकी सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और डंप डेटा खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। वहीं दूसरी ओर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस वारदात के पीछे किसी ऐसे व्यक्ति की जानकारी थी जो कार्यालय की गतिविधियों से परिचित था। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सुरक्षा गार्ड की पिस्टल आखिर बंद कार्यालय में क्यों रखी थी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है या मामला इससे भी ज्यादा गंभीर है।
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