बिहार की राजधानी पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब BJP विधायक विनय बिहारी की गाड़ी प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, विधायक विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल होने के बाद डाकबंगला चौराहे से गुजर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि वाहन आगे बढ़ता रहा, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस दौरान कुछ छात्र नारे लगाते हुए गाड़ी की ओर बढ़े। हालांकि इस घटना में BJP विधायक को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और वे सुरक्षित रहे।
आइसा के मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों में टकराव
बुधवार को छात्र संगठन आइसा (AISA) की ओर से पटना में लोकभवन मार्च निकाला गया था। इस प्रदर्शन के जरिए संगठन ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी और छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए, जहां स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान बीजेपी विधायक की गाड़ी भी उसी रास्ते से गुजर रही थी, जिसके चलते यह घटना सामने आई।
पोस्टर फाड़े गए, दूसरी जगह भी वाहन पर हमला
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा सड़क किनारे लगे बीजेपी से जुड़े पोस्टरों को फाड़ने की भी तस्वीरें सामने आईं। इसके अलावा पटना के तारामंडल क्षेत्र में भी एक अन्य घटना हुई, जहां बीजेपी नेताओं की गाड़ी पर हमला किए जाने का दावा किया गया। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि इस हमले में वाहन को नुकसान पहुंचा और उसमें सवार कुछ लोग घायल भी हुए। हालांकि इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
पटना में हुई इन घटनाओं के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। बीजेपी ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और पुलिस की कार्रवाई के बाद हालात बिगड़े। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। विधानसभा का मानसून सत्र जारी होने के कारण राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज हैं। ऐसे में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
