काशी: वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद के चलते तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही साथी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने जुर्म छिपाने के लिए ऐसी खौफनाक साजिश रची जिसे सुनकर हर कोई कांप उठेगा। पुलिस ने त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीनों हत्यारोपियों को धर दबोचा है और मृतक के शव को बरामद कर लिया है।
छोटी सी बात पर शुरू हुई थी रंजिश
इस दर्दनाक हत्याकांड की शुरुआत महज कुछ दिन पहले हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गत 3 अगस्त को शराब के नशे में मृतक ईशू कन्नौजिया और मुख्य आरोपी प्रदीप के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस दौरान गुस्से में आकर ईशू ने प्रदीप की पिटाई कर दी थी। इसी बात की खुन्नस और अपमान का बदला लेने के लिए प्रदीप ने अपने सगे भाई रामकृष्ण और दोस्त रोहित के साथ मिलकर ईशू को रास्ते से हटाने का खौफनाक षड्यंत्र रचा।
यूट्यूब से सीखा शव को ठिकाने लगाने का तरीका
गत 7 अगस्त की रात आरोपियों ने एक सोची-समझी योजना के तहत ईशू को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई। जब वह पूरी तरह नशे में सुन्न हो गया, तो रोहित और रामकृष्ण ने उसके हाथ कसकर पकड़ लिए और मुख्य आरोपी प्रदीप ने धारदार चापड़ से उसका गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर अंदाज में आरोपियों ने यूट्यूब पर वीडियो खंगाले और शव को ठिकाने लगाने के तरीके सीखे। पहचान मिटाने और दुर्गंध दबाने के लिए उन्होंने सिर और धड़ को अलग करते हुए शव के पांच टुकड़े किए और उन्हें प्लास्टिक के बोरे में भरकर रेलवे क्वार्टर के पास स्थित एक गोबर के गड्ढे में दबा दिया।
इस तरह खुला हत्याकांड का राज
मृतक ईशू 6 अगस्त से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था, जिसके बाद परिजनों ने 17 अगस्त को सिगरा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की तकनीकी जांच शुरू की और ईशू की कॉल डिटेल (CDR) निकाली, तो अंतिम कॉल प्रदीप की पाई गई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आगे आरोपी प्रदीप टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार रात लगभग 10 बजे लहरतारा-छातडीह पोखरी के पास खंडहरनुमा रेलवे क्वार्टर के गोबर के गड्ढे से सड़ चुका शव बरामद किया।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई और आगामी कदम
काशी जोन के ADCP वैभव बांगर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सभी आरोपी और मृतक एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे, जहां पुराने विवाद के चलते इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों—प्रदीप, रामकृष्ण और रोहित को गिरफ्तार कर लिया है तथा बरामद सड़े-गले शव को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
