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CBI की बड़ी कार्रवाई: 7 घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व जज गिरफ्तार, ट्विशा केस में नया मोड़

ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा अपडेट, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को CBI ने 7 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। जानें पूरी जांच, हाईकोर्ट आदेश और मामले का पूरा घटनाक्रम।

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 Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। आदेश जारी होते ही CBI की टीम भोपाल स्थित उनके आवास पर पहुंची और लंबी पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब 7 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई, जिसमें मामले से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गए। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे संकेत मिले, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जरूरी हो गई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए भोपाल स्थित एम्स अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद कोर्ट में पेश करने की तैयारी की गई।

जांच का नया मोड़: ‘टनल व्यू’ री-कंस्ट्रक्शन से खुल रहे राज

CBI ने इस मामले की जांच को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए ‘टनल व्यू’ नामक तकनीक का उपयोग किया है, जिसमें घटनास्थल और उस रात की पूरी गतिविधियों को डिजिटल और फिजिकल तरीके से दोबारा तैयार किया जा रहा है। यह री-कंस्ट्रक्शन कटारा हिल्स स्थित उस घर में किया गया जहां ट्विशा शर्मा अंतिम बार देखी गई थीं।

जांच एजेंसी का उद्देश्य यह समझना है कि उस रात घर में कौन-कौन मौजूद था, किस समय कौन आया और किसने क्या गतिविधि की। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इंटरनेट डेटा की गहराई से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

हाईकोर्ट का फैसला और केस की पृष्ठभूमि

इस पूरे मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया। अदालत ने यह पाया कि निचली अदालत ने जमानत देते समय केस डायरी, गवाहों के बयान और डिजिटल सबूतों पर उचित विचार नहीं किया था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि कुछ महत्वपूर्ण गवाहियों और व्हाट्सएप चैट्स जैसे डिजिटल सबूतों को नजरअंदाज किया गया, जो मामले में उनकी कथित भूमिका की ओर संकेत करते हैं। इसके बाद CBI को जांच की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई और पुलिस से केस अपने हाथ में ले लिया गया। इसी आदेश के बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई।

ट्विशा शर्मा की मौत और परिवार के गंभीर आरोप

यह मामला 12 मई की रात का है, जब 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन परिवार ने इसे दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला बताते हुए शिकायत दर्ज कराई।

परिवार का आरोप है कि ट्विशा को लंबे समय से दहेज की मांग और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। अब CBI की जांच में यह मामला और गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है, जहां हर सबूत को बारीकी से जांचा जा रहा है और आगे और गिरफ्तारियां भी संभव बताई जा रही हैं।

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