वेनेजुएला में बेहद कम समय के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 दर्ज की गई, जिसका केंद्र समुद्री तटीय शहर मोरोन से लगभग 21 किलोमीटर पश्चिम में था। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया, जिसका केंद्र करीब 45 किलोमीटर दूर बताया गया है। लगातार आए इन झटकों ने लोगों को संभलने का मौका ही नहीं दिया और कई शहरों में अंधाधुंध तबाही फैल गई।
भारी तबाही और बढ़ता मौतों का आंकड़ा
USGS ने इस आपदा को गंभीर श्रेणी में रखते हुए चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या बेहद बड़ी हो सकती है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक यह आंकड़ा 10,000 से ज्यादा पहुंच सकता है। राजधानी काराकास समेत कई शहरों से आए वीडियो और रिपोर्ट में ढही हुई इमारतें, टूटी सड़कें और मलबे में दबे लोग दिखाई दे रहे हैं। कई जगह बचाव कार्य जारी है, लेकिन लगातार आफ्टरशॉक्स राहत कार्यों को मुश्किल बना रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है।
एयरपोर्ट बंद, इमारतें धराशायी
भूकंप के चलते वेनेजुएला का प्रमुख एयरपोर्ट, माइक्वेटिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और इसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई टर्मिनल और रनवे हिस्से में दरारें आ गई हैं। राजधानी काराकास में एक 22 मंजिला इमारत के पूरी तरह ढह जाने की भी खबर है, जिससे राहत और बचाव कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कई प्रमुख सड़कें भी टूट गई हैं, जिससे कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
आपातकाल की घोषणा और लगातार आफ्टरशॉक्स
वेनेजुएला सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि भूकंप के बाद 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सेना और आपदा राहत टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। राजधानी काराकास सहित कई शहरों में लोग घरों से बाहर खुले स्थानों पर रह रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेनेजुएला के पिछले 100 वर्षों में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक हो सकता है।
Read More-क्या दिल्ली से शुरू होगा भरत तिवारी केस का नया मोड़? भाई चंदन ने किया बड़ा ऐलान
