यूपी में कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्कूलों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में कांवड़ यात्रियों की बढ़ती आवाजाही और सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सोमवार को कई स्कूलों में आधे दिन के बाद छुट्टी करने का निर्देश दिया गया है। आदेश के मुताबिक स्कूलों में दोपहर 12:15 बजे छुट्टी कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों से गुजरते हैं, ऐसे में स्कूलों की छुट्टी का समय बदलने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवाजाही को आसान बनाया जा सकेगा। खासकर उन इलाकों में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है, जहां कांवड़ यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है।
पहले से कई जिलों में बंद हैं स्कूल-कॉलेज
कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है। जारी निर्देशों के अनुसार कुछ जिलों में 4 अगस्त से 12 अगस्त तक शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की व्यवस्था लागू है। प्रशासन ने यह फैसला यात्रा के दौरान होने वाली भीड़, ट्रैफिक दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख सड़कों और धार्मिक स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सामान्य दिनों की तुलना में यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टी का निर्णय इसी व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
12:15 बजे के बाद छात्रों को नहीं जाना होगा स्कूल
सोमवार को जिन स्कूलों पर आधे दिन की व्यवस्था लागू होगी, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई सुबह के समय कराई जाएगी और 12:15 बजे के बाद छुट्टी कर दी जाएगी। इससे छात्रों को दोपहर के समय सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ से बचाने में मदद मिलेगी। स्कूल प्रशासन को भी विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों के लिए भी जरूरी है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से छुट्टी के नए समय की जानकारी पहले से ले लें। अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन की ओर से अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा सकती है। इसलिए अभिभावकों को अपने जिले या स्कूल की ओर से जारी होने वाले किसी नए निर्देश पर भी नजर रखनी चाहिए।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और अन्य साधनों से यात्रा करते हैं। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की जाती है। ऐसे में स्कूलों की छुट्टी जल्दी करने का उद्देश्य भीड़ और यातायात के दबाव को कम करना है। सरकार और स्थानीय प्रशासन यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की परेशानी कम करने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूलों के समय में बदलाव इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह है कि वे सोमवार को स्कूल जाने से पहले अपने स्कूल का अपडेट जरूर देख लें, क्योंकि स्थानीय स्तर पर परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त बदलाव संभव हैं।
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