उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया है। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों को सख्त अंदाज में देखा जाता है, लेकिन इस बार एक अधिकारी की सादगी और जमीन से जुड़ा व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है। कुलपहाड़ क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) रविकांत गौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह सरकारी वाहन छोड़कर बैलगाड़ी चलाते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह काम किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद लोगों की परेशानी दूर करने के लिए किया। वीडियो सामने आने के बाद लोग उनकी सादगी, व्यवहार और संवेदनशीलता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि ऐसे अधिकारी समाज और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं।
जांच के दौरान रास्ते में मिली बैलगाड़ी
जानकारी के अनुसार, सीओ रविकांत गौड़ एक मामले की जांच के सिलसिले में पनवाड़ी थाना क्षेत्र के सलैया खालसा गांव पहुंचे थे। वह अपनी सरकारी गाड़ी से गांव की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। पुलिसकर्मियों ने जब बैलगाड़ी हटाने की कोशिश की तो पता चला कि उसका मालिक किसान खेत में काम करने गया हुआ है। बैलगाड़ी में केवल कुछ महिला किसान बैठी हुई थीं, जो स्वयं उसे हटाने की स्थिति में नहीं थीं। ऐसे में स्थिति को समझते हुए सीओ रविकांत गौड़ ने किसी पर नाराजगी जताने या इंतजार करने के बजाय खुद पहल करने का फैसला किया। उन्होंने बैलगाड़ी की लगाम अपने हाथ में ली और उसे रास्ते से किनारे लगाने लगे। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी उनके इस व्यवहार को देखकर हैरान रह गए।
महिलाओं से बातचीत करते हुए साझा किए अनुभव
बैलगाड़ी को हटाने के दौरान सीओ रविकांत गौड़ ने वहां मौजूद महिला किसानों से बातचीत भी की। बताया जा रहा है कि उन्होंने ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और पारंपरिक कृषि साधनों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी बैलगाड़ी और बैलों का महत्व पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी यह कई घरेलू और कृषि कार्यों में उपयोगी साबित होती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीओ ने पूरे समय बेहद सहज और सामान्य तरीके से लोगों से बात की। उनके व्यवहार में किसी तरह का अधिकारी वाला रौब नहीं दिखा। यही कारण है कि वहां मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों ने भी उनके इस कदम की सराहना की। कुछ लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सीओ रविकांत गौड़ की प्रशंसा कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी उनका व्यवहार एक आम नागरिक की तरह दिखाई दिया। लोगों ने इसे पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंधों का उदाहरण बताया है। कुछ लोगों ने लिखा कि अधिकारियों को जनता के बीच इसी तरह सरल और सहयोगी रवैया अपनाना चाहिए। वहीं कई यूजर्स ने यह भी कहा कि छोटे-छोटे मानवीय कार्य समाज में बड़ा संदेश देते हैं। महोबा से सामने आई यह घटना केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग यदि संवेदनशीलता और सहयोग की भावना के साथ काम करें तो आम जनता के दिलों में आसानी से जगह बना सकते हैं। फिलहाल सीओ रविकांत गौड़ का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी सादगी को सलाम कर रहे हैं।
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