संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मकसद सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाने पर सहमति बनाना था। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उन्होंने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी। सबसे ज्यादा ध्यान उस पल ने खींचा, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान उनके पैर छुए। इसके कुछ ही क्षण बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बातचीत करते हुए साथ दिखाई दिए। जयराम रमेश का नड्डा के कंधे पर हाथ रखकर बातचीत करना भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इन तस्वीरों को लेकर अलग-अलग तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तस्वीरों के बीच सियासी समीकरणों पर लगने लगे कयास
सुप्रिया सुले द्वारा राजनाथ सिंह के पैर छूने की तस्वीर सामने आने के बाद कई तरह के राजनीतिक अनुमान लगाए जाने लगे। कुछ लोगों ने इसे भारतीय परंपरा और सम्मान का प्रतीक बताया, जबकि कुछ ने इसे बदलते राजनीतिक रिश्तों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। वहीं जयराम रमेश और जेपी नड्डा के बीच सहज बातचीत ने भी यह संदेश दिया कि संसद के बाहर व्यक्तिगत संबंध अक्सर राजनीतिक मतभेदों से अलग होते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद अपनी जगह होते हैं, लेकिन नेताओं के बीच शिष्टाचार और सम्मान की ऐसी तस्वीरें लोकतांत्रिक संस्कृति को मजबूत करती हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।
बैठक के दौरान विपक्ष ने जताया विरोध, कुछ देर के लिए हुआ वॉकआउट
सर्वदलीय बैठक के दौरान सिर्फ सौहार्द की तस्वीरें ही नहीं दिखीं, बल्कि राजनीतिक टकराव भी सामने आया। जानकारी के अनुसार बैठक में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के बागी सांसदों की मौजूदगी को लेकर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई। इस मुद्दे पर बहस बढ़ने के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने कुछ समय के लिए बैठक से वॉकआउट भी किया। बाद में बातचीत और चर्चा के बाद सभी दलों के प्रतिनिधि फिर बैठक में लौट आए। सरकार की ओर से विपक्ष से संसद को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की गई, जबकि विपक्ष ने भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग दोहराई। ऐसे में साफ है कि मानसून सत्र के दौरान कई अहम विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर पहले ही दे चुकी हैं जवाब
सुप्रिया सुले की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब पिछले कुछ दिनों से उनकी पार्टी को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। चर्चा थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) भविष्य में एनडीए का हिस्सा बन सकती है। हालांकि सुप्रिया सुले ने इन दावों को पहले ही साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी न तो भाजपा में शामिल होने जा रही है और न ही एनडीए का हिस्सा बनने की कोई योजना है। ऐसे में राजनाथ सिंह के प्रति सम्मान जताने वाली इस तस्वीर को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच उनका पहले दिया गया बयान भी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब सबकी नजर संसद के मानसून सत्र पर रहेगी, जहां सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर जोरदार बहस होने की संभावना है।
