UP News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के करमाजीपुर गांव के रहने वाले करीब 23 वर्षीय सूरज यादव की ओमान के पास जहाज पर हुए हमले में मौत हो गई। सूरज रोजगार के लिए करीब एक महीने पहले ही ओमान गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह विदेश में काम करके घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करेगा, लेकिन अचानक उसकी मौत की खबर आने से परिजन सदमे में हैं। बताया गया है कि घटना में एक भारतीय नाविक की जान गई, जबकि 19 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
चार भाइयों में सबसे बड़ा था सूरज
सूरज अपने परिवार में चार भाइयों में सबसे बड़ा था और अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। उसके पिता ओम प्रकाश यादव कुवैत में रहते हैं, जबकि घर पर मां पुष्पा देवी और छोटे भाई रहते हैं। सूरज के छोटे भाई सन्नी कक्षा 10 और साहिल कक्षा 9 में पढ़ते हैं। परिवार के मुताबिक सूरज करीब एक महीना दस दिन पहले फ्लाइट से ओमान गया था। वहां वह जहाज के कर्मचारियों के साथ काम कर रहा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि विदेश जाने के कुछ ही समय बाद बेटे की मौत की खबर घर पहुंच जाएगी।
पिता कुवैत से लौट रहे, चाचा ने की बड़ी मांग
बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही सूरज के पिता ओम प्रकाश यादव कुवैत से घर के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं सूरज के चाचा अवधेश यादव ने सरकार से शव को जल्द भारत लाने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार अंतिम बार सूरज को देखना चाहता है और गांव में ही उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। घटना के बाद परिवार के लोग विदेश में काम करने वाले भारतीय युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं।
मां का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम
सूरज की मौत की खबर मिलने के बाद उसकी मां पुष्पा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार वह इस सदमे से बेहद परेशान हैं। सूरज की मौत की जानकारी फैलते ही करमाजीपुर गांव में भी शोक का माहौल बन गया। आसपास के लोग परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। फिलहाल परिजनों की सबसे बड़ी चिंता सूरज के शव को भारत लाने की प्रक्रिया है। परिवार और गांव के लोग अब उसके पार्थिव शरीर के जल्द घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
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