UP News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से निकली एक बेटी ने अमेरिका की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना ली है। सबा हैदर (Saba Haider) ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इलिनॉयस राज्य की 84वीं डिस्ट्रिक्ट सीट पर 71.8 फीसदी वोट हासिल किए और रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रायन स्कोपा को करारी शिकस्त दी। उनकी इस जीत की खास बात यह है कि वह इलिनॉयस जनरल असेंबली पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अप्रवासी महिला बन गई हैं।
बुलंदशहर से अमेरिका तक का सफर, चुनाव में मिली बड़ी जीत
सबा हैदर (Saba Haider) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद कस्बे की रहने वाली हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। मुकाबले में उन्हें मतदाताओं का जबरदस्त समर्थन मिला और 71.8 प्रतिशत वोट हासिल कर उन्होंने जीत अपने नाम कर ली। उनकी सफलता केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि अमेरिका की राजनीति में दक्षिण एशियाई म
हिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी बड़ा उदाहरण है। बुलंदशहर जैसे छोटे कस्बे से निकलकर अमेरिकी विधानसभा तक पहुंचने का उनका सफर अब चर्चा का विषय बन गया है।
20 साल पहले अमेरिका गईं, अब राजनीति में बनाई पहचान
सबा हैदर (Saba Haider) पिछले करीब 20 वर्षों से अपने परिवार के साथ अमेरिका के इलिनॉयस में रह रही हैं। राजनीति में आने से पहले भी वह सामाजिक गतिविधियों और जनसेवा से जुड़ी रही हैं। उन्होंने ड्यूपेज काउंटी बोर्ड की सदस्य के रूप में काम करते हुए स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझा और उनके बीच अपनी पहचान बनाई। इसी अनुभव ने उनके राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब विधानसभा चुनाव में जीत के बाद वह राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रही हैं।
बेटी की कामयाबी पर पिता ने जताया गर्व
सबा हैदर (Saba Haider) की जीत की खबर भारत पहुंचते ही उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पिता सैयद अली हैदर ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे पूरे देश के लिए सम्मान की बात बताया। बुलंदशहर में उनके पैतृक क्षेत्र के लोग भी इस सफलता से बेहद उत्साहित हैं। सबा के पति अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनके परिवार में एक बेटा तथा एक बेटी हैं। उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य गाजियाबाद में रहते हैं। सबा हैदर (Saba Haider) की यह उपलब्धि उन युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
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