दिल्ली के चावड़ी बाजार में दिवाली की खरीदारी के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसा ऐसे समय हुआ, जब त्योहार के चलते बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ मौजूद थी। अचानक इमारत का हिस्सा गिरने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में हलचल तेज हो गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण स्थल को बंद करा दिया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भी डर का माहौल बन गया।
मलबे में कितने लोग दबे? छह दमकल गाड़ियां पहुंचीं, राहत कार्य पर नजर
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छह दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया। राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर टीमें पहुंच गईं। शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति दबा है या नहीं। बचाव अभियान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
पहले भी दिल्ली में गिर चुकी है इमारत
चावड़ी बाजार की इस घटना ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला पेइंग गेस्ट इमारत ढह गई थी। उस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बताती हैं। फिलहाल चावड़ी बाजार हादसे में नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आना बाकी है। प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि इस घटना में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और इमारत गिरने की असली वजह क्या थी।
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