नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ ऐसे अकाउंट सक्रिय थे, जिनका संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था। इन अकाउंट्स के जरिए मजदूरों को भड़काने और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े तत्वों की भूमिका की ओर इशारा करता है।
डेटा और सोशल मीडिया के जरिए रची गई साजिश
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिंसा पूरी तरह ‘मैलाफाइड इंटेंशन’ के साथ आयोजित की गई थी। जांच में पाया गया कि कुछ लोगों ने पहले से ही मजदूरों का डेटा इकट्ठा किया और उन्हें संगठित करने के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। QR कोड के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए और इन ग्रुप्स के माध्यम से लोगों को एकजुट किया गया। इसके बाद भड़काऊ संदेशों और वीडियो के जरिए माहौल को गर्म किया गया। पुलिस का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया को काफी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
तीन स्थानीय लोगों की भूमिका
जांच में तीन लोगों—मनीषा चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद—की भूमिका सामने आई है, जिन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार ये लोग पहले भी विभिन्न विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं। रूपेश राय पेशे से ऑटो चालक है, जबकि आदित्य आनंद बेरोजगार बताया जा रहा है। पुलिस ने अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई ऐसे हैं जो मजदूर नहीं थे, बल्कि बाहर से आए थे। आगजनी और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर मामलों में भी कई लोगों की पहचान की गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
NSA तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि हिंसा के दौरान जिन X अकाउंट्स से भड़काऊ पोस्ट किए गए, वे पिछले कुछ महीनों से सक्रिय थे और VPN के जरिए संचालित किए जा रहे थे। इससे उनकी लोकेशन छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस और अन्य एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन अकाउंट्स के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था। इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
