Homeउत्तर प्रदेशबच्चों के नदी पार स्कूल जाने का दावा कितना सच? जांच में...

बच्चों के नदी पार स्कूल जाने का दावा कितना सच? जांच में खुला पूरा राज

रामपुर में बच्चों के नदी पार कर स्कूल जाने की वायरल तस्वीरें और वीडियो जांच में फर्जी पाए गए। पुलिस ने मामले में 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

-

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में बच्चों के नदी पार करके स्कूल जाने का दावा करने वाली तस्वीरों और वीडियो को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इन तस्वीरों के जरिए प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। लेकिन जांच में वायरल फोटो और वीडियो कथित तौर पर फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी सामग्री किसने तैयार कराई और इसे सोशल मीडिया पर फैलाने के पीछे किसकी भूमिका थी।

वायरल तस्वीरों में क्या किया गया था दावा?

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर किए गए थे। इनमें बच्चों को नदी पार करते हुए दिखाया गया था और दावा किया गया था कि वे इसी तरह स्कूल जाने को मजबूर हैं। पोस्ट के जरिए बच्चों की सुरक्षा और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए। बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल नगीना सांसद चंद्रशेखर के एक ट्वीट को सही साबित करने के उद्देश्य से किया गया। मामला तेजी से फैलने के बाद प्रशासन ने वायरल सामग्री की सच्चाई जांचने का फैसला किया। जांच में तस्वीरों और वीडियो को वास्तविक घटनाक्रम से अलग पाया गया।

जांच के बाद 6 लोगों पर दर्ज हुआ केस

प्रशासन की जांच में वायरल सामग्री के फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने छह लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बच्चों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो आखिर तैयार कैसे किए गए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सामग्री बनाने के लिए बच्चों को कहां ले जाया गया था, इसे किसने रिकॉर्ड किया और फिर सोशल मीडिया पर किसने अपलोड या शेयर किया। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।

सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को लेकर सख्त संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी घटना की गलत तस्वीर या वीडियो बनाकर उसे असली बताकर प्रसारित करना लोगों को गुमराह कर सकता है और इससे प्रशासन की छवि भी प्रभावित होती है। पुलिस वायरल सामग्री के स्रोत और उसे फैलाने वालों की कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल छह नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। आगे की जांच में अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

Read more-बेटी को प्रेमी के साथ पिता ने गन्ने के खेत में पकड़ा, फिर जो हुआ उसने पूरे गांव को हिला दिया

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts