आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को उनके सामने रखा। मुलाकात के बाद ब्रजेश पाठक ने छात्रों को भरोसा दिया कि उनकी बात को गंभीरता से लिया जाएगा और उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इस मुलाकात के बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों को आगे की बातचीत को लेकर उम्मीद जगी है।
छात्रों की मांगों को केंद्र तक पहुंचाने का भरोसा
ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रों की मांगों को ध्यान से सुना गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले दो दिनों के भीतर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात एक केंद्रीय मंत्री से कराने का प्रयास किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित स्तर पर बातचीत की जाएगी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा ने भी अपनी बात रखी। छात्रों ने साफ किया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की मांग करना है, जिसमें देश के हर छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
शिक्षा व्यवस्था और प्रोफेशनल कोर्स में अवसर बढ़ाने की मांग
छात्रों की ओर से दिए गए पत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई मांगों का जिक्र किया गया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई और मेरिट के मामले में विद्यार्थियों के बीच काफी अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में सभी छात्रों को अपनी बौद्धिक क्षमता विकसित करने के लिए बेहतर अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई है। छात्रों का तर्क है कि शिक्षा और करियर से जुड़े अवसर ऐसे होने चाहिए, जिनसे किसी विद्यार्थी को आगे बढ़ने से वंचित न होना पड़े। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर इससे पहले दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्रों के प्रदर्शन भी सामने आए हैं। अब ब्रजेश पाठक के साथ हुई इस मुलाकात और केंद्रीय मंत्री से प्रस्तावित बातचीत पर आंदोलन से जुड़े छात्रों की नजर है।
Read More-BJP की नई टीम के साथ PM मोदी की खास बैठक, Gen Z पर फोकस… संगठन में अब क्या होगा बड़ा बदलाव?
