उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सोमवार सुबह जिला प्रशासन की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। टाउन हॉल परिसर में स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। खास बात यह रही कि कार्रवाई के लिए सुबह 10 बजे का समय निर्धारित बताया जा रहा था, लेकिन प्रशासनिक और नगर पालिका की टीम तड़के करीब 5 बजे ही मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच चार बुलडोजरों की मदद से करीब दो घंटे में पूरी इमारत को गिरा दिया गया।
प्रशासन का दावा—सरकारी नजूल भूमि पर बना था कार्यालय
जिला प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर सपा का जिला कार्यालय संचालित हो रहा था, वह सरकारी नजूल भूमि है। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2005 में तत्कालीन नगर पालिका प्रशासन ने इस भूमि का आवंटन पार्टी कार्यालय के लिए किया था। इसके बदले प्रतीकात्मक रूप से वार्षिक किराया भी तय किया गया था। हालांकि बाद में आवंटन प्रक्रिया की जांच के दौरान कथित अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित पट्टा निरस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि पट्टा रद्द होने के बावजूद भवन का उपयोग लगातार जारी रहा।
नोटिस के बाद भी खाली नहीं हुआ परिसर
अधिकारियों के मुताबिक, भवन को खाली कराने के लिए करीब 15 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। संबंधित पक्ष को स्वयं परिसर खाली करने और निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी भवन खाली नहीं किया गया, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
ध्वस्तीकरण के दौरान मौके पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी या कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे, जिसके कारण कार्रवाई बिना किसी विरोध के पूरी हो गई। फिलहाल प्रशासन मलबा हटाने का काम कर रहा है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
